Pakistan Flood: बाढ़ से बेहाल हुआ पाकिस्तान, 40 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान

पाकिस्तान को भीषण बाढ़ के कारण 40 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हो सकता है. एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. यह आंकड़ा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के 30 अरब डॉलर के आकलन से भी अधिक है.

पाकिस्तान इस समय भीषण बाढ़ से तबाह हो चुका है. एक तिहाई हिस्सा जलमग्न है. अबतक 1400 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है. जबकि करोड़ों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. बाढ़ ने पाकिस्तान को आर्थिक रूप से भी कमजोर किया है.

पाकिस्तान को बाढ़ के कारण 40 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान

पाकिस्तान को भीषण बाढ़ के कारण 40 अरब डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हो सकता है. एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. यह आंकड़ा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के 30 अरब डॉलर के आकलन से भी अधिक है. वह पिछले सप्ताह पाकिस्तान की यात्रा पर थे. अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा कि राष्ट्रीय बाढ़ प्रतिक्रिया समन्वय केंद्र (एनएफआरसीसी) की बैठक में 40 अरब डॉलर के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया है. इस बैठक में वित्त मंत्रालय ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बाढ़ के प्रभाव का प्रारंभिक आकलन शीर्षक से एक रिपोर्ट पेश की.

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मुद्रास्फीति 30 प्रतिशत को पार कर सकती है

वित्त मंत्रालय की शुरुआती मूल्यांकन रिपोर्ट में बाढ़ के कारण आर्थिक नुकसान लगभग 18 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था. पाकिस्तान के योजना मंत्री और एनएफआरसीसी के अध्यक्ष अहसान इकबाल ने कहा, विनाशकारी परिस्थितियों से पता चलता है कि बाढ़ के नुकसान का दायरा 30 अरब डॉलर से लेकर 40 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है. प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट बनाने में शामिल वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, अगर घाटा बढ़कर 40 अरब डॉलर हो जाता है, तो इसका मतलब है कि इस साल पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि नकारात्मक हो सकती है. साथ ही आपूर्ति शृंखला में बाधाओं की वजह से मुद्रास्फीति 30 प्रतिशत को पार कर सकती है.

पाकिस्तान में बाढ़ से तीन करोड़ तीस लाख से अधिक विस्थापित

पाकिस्तान में बाढ़ में लगभग 1,400 लोग मारे गए हैं जिसने देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न कर दिया है, फसलें नष्ट हो गई हैं और तीन करोड़ तीस लाख से अधिक विस्थापित हो गए हैं. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान को बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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