पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक युवा हिंदू व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. शुक्रवार को नुश्की शहर में कुछ हथियारबंद हमलावर उसकी दुकान में घुसे और कथित तौर पर विरोध करने पर उस पर गोलियां चला दीं. वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घायल व्यापारी को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. मृतक की पहचान राकेश कुमार के रूप में हुई.
दुकान में घुसकर की फायरिंग, मौके पर ही मौत
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने स्थानीय पुलिस के हवाले से बताया कि घटना नुश्की शहर के कादिराबाद इलाके की है. शुक्रवार को हथियारों से लैस कुछ लोग व्यापारी की दुकान में पहुंचे. वहां किसी बात को लेकर व्यापारी ने उनका विरोध किया, जिसके बाद हमलावरों ने उस पर गोली चला दी.
गोली लगने से व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई. हमलावर इसके बाद वहां से भाग निकले. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है. किसी संगठन ने भी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.
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हिंदू व्यापारी की हत्या पर अल्पसंख्यक विधायक ने जताया रोष
राकेश कुमार की हत्या पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय विधानसभा के सदस्य गुरपाल सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस हत्या को कायराना हरकत बताते हुए इसके पीछे “पाकिस्तान विरोधी और बलूचिस्तान विरोधी तत्वों” का हाथ होने की बात कही.
गुरपाल सिंह ने अपने बयान में कहा, 'हिंदू समुदाय सदियों से बलूचिस्तान का अभिन्न हिस्सा रहा है और उसने बार-बार पाकिस्तान तथा बलूचिस्तान के प्रति अपनी वफादारी साबित की है.' उन्होंने कहा कि निर्दोष हिंदू व्यापारियों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर लोगों के बीच डर और नफरत पैदा करने की कोशिश करने वाले तत्व अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे.
गुरपाल सिंह ने बलूचिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों से मांग की कि राकेश कुमार की हत्या में शामिल लोगों की जल्द पहचान की जाए. उन्होंने हमलावरों के साथ-साथ उनके मददगारों और हमले के पीछे मौजूद लोगों को भी गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.
बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रही है हिंसा
राकेश कुमार की हत्या को लेकर फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हमलावर कौन थे और उनका मकसद क्या था. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान तथा हत्या की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत लगातार सशस्त्र हिंसा की चपेट में है. बलूच अलगाववादी संगठनों की ओर से हाल के दिनों में सुरक्षा बलों, सैन्य काफिलों, पुलिस चौकियों और सरकारी या बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को निशाना बनाकर कई हमलों का दावा किया गया है.
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