Nepali News: एक्शन में कार्की, हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा, परिजनों को 10 लाख का मुआवजा

Nepali News: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के बाद सुशीला कार्की ताबड़तोड़ फैसले ले रही हैं. उन्होंने G en Z हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने का फैसला लिया है. साथ ही उनके परिजनों को मुआवजे देने का ऐलान कर दिया है.

Nepali News: नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा- Gen Z हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद के रूप में जाना जाएगा और उनके परिजनों को 10 लाख नेपाली रुपये का मुआवजा दी जाएगी.

नेपाल हिंसा में घायल हुए लोगों का खर्च सरकार उठाएगी : कार्की

नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने पदभार संभालने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने बताया, हिंसा में घायल हुए लोगों का खर्च सरकार उठाएगी. उन्हें मुआवजा भी दी जाएगी. साथ ही शवों को काठमांडू से दूसरे जिले भेजने की व्यवस्था भी सरकार ही करेगी.

निजी संपत्ति पर हमला करने वाले नहीं बचेंगे, उनके खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई : कार्की

सुशीला कार्की ने कहा- हिंसा की जांच कराई जाएगी. वैसे लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा, जिसने निजी संपत्तियों पर हमला बोला है. कार्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरिम सरकार, सत्ता का स्वाद चखने के लिए नहीं है और यह छह महीने से अधिक समय तक नहीं रहेगी.

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अगले साल मार्च तक होगा नेपाल में चुनाव

नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के संसद भंग करने के फैसले की कड़ी आलोचना की और इस कदम को असंवैधानिक तथा लोकतंत्र के लिए एक गंभीर झटका बताया है. दो दिनों के हिंसक प्रदर्शन के बार देश में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की सिफारिश पर संसद को भंग करने के बाद, पौडेल ने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष पांच मार्च को नए चुनाव कराए जाएंगे. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा. राष्ट्रपति ने एक बयान में सभी से अपील की कि वे ‘‘लोगों के हितों की रक्षा और आत्म-अनुशासन बनाए रखते हुए समय पर चुनाव कराने के लिए कड़ी मेहनत से अर्जित अवसर का उपयोग करें.’’

नेपाली हिंसा में 50 लोगों की गई जान

नेपाल में एक सप्ताह तक हिंसक विरोध प्रदर्शन होने और इसके चलते के पी शर्मा ओली के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कार्की (73) देश की पहली महिला प्रधानमंत्री नियुक्त हुई. ओली ने मंगलवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों के उनके कार्यालय में घुसकर उनके इस्तीफे की मांग के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया था. देशव्यापी प्रदर्शन में 50 से अधिक लोगों की जान चली गयी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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