नयी दिल्ली : नेपाल के नवनियुक्त नेपाली प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने मंगलवार को नेपाल के प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली. मालूम हो कि इससे पहले उन्होंने शपथ लेने से इनकार कर दिया था. साथ ही नियुक्ति पत्र में सुधार की मांग की है. उन्होंने कहा है कि नियुक्ति पत्र में संवैधानिक खंड का उल्लेख नहीं है, जिसके तहत उन्हें नियुक्त किया गया है. यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई ने दी है.
मालूम हो कि इससे पहले राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा था कि नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा को संविधान के अनुच्छेद 76 (5) के अनुसार राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी द्वारा प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है. शपथ ग्रहण समारोह शाम छह बजे निर्धारित है.
मालूम हो कि नेपाली सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी को नेपाली कांग्रेस के प्रमुख शेर बहादुर देउबा को मंगलवार तक प्रधानमंत्री नियुक्त करने का निर्देश दिया था. नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने भी सोमवार को कहा था कि शेर बहादुर देउबा मंगलवार को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे.
शेर बहादुर देउबा नेपाल के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके हैं. नेपाली कांग्रेस के 74 वर्षीय नेता साल 1995-97, 2001-02, 2004-05 और 2017-18 में नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं. वह वर्तमान में नेपाल के सदन में विपक्ष के नेता हैं. पांचवीं बार शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई को संसद की बैठक बुलाने का आदेश दिया है.
उम्मीद की जा रही है कि नेपाल में पिछले साल दिसंबर माह से चल रहा राजनीतिक संकट खत्म हो जायेगा. मालूम हो कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में आंतरिक कलह के बाद प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने दिसंबर 2020 को संसद भंग कर दिया था.
