Nepal Flood : टनल रेस्क्यू में भारतीय दल 185 मीटर अंदर तक पहुंचा, 25 जिलों में फिर बाढ़ का अलर्ट

Nepal Flood : नेपाल में जलप्रलय ने भारी तबाही मचा दी है. बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 1,000 के पार पहुंच गई है. करीब 4,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है. इस आपदा से हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं.

Nepal Flood : नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,003 हो गयी है, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं. जलप्रलय से तबाह पनबिजली परियोजनाओं की बंद सुरंगों में फंसे सैकड़ों मजदूरों को निकालने के लिए बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. भारतीय तकनीकी व सुरंग विशेषज्ञ दल ने नेपाली सेना के साथ मिलकर लांगटांग परियोजना की टनल में 185 मीटर गहराई तक पहुंच बनाकर जांच पूरी कर ली है, वहीं चिलीमे टनल में रस्सियों के जरिए रास्ता बनाया गया है.

अब तक 158 भारतीयों सहित 12,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इस बीच, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने रुक-रुक कर हो रही बारिश और नदियों के उफान को देखते हुए नुवाकोट, रसुवा और काठमांडू घाटी सहित 25 से अधिक जिलों में अचानक बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया है.

कितने मिले-कितने लापता

  1. 1,003 कुल मृतकों की संख्या (चितवन में सर्वाधिक 321, नवलपरासी पूर्व 216, नवलपरासी पश्चिम 170, नुवाकोट 95, गोरखा 65, धादिंग 57, रसुवा 41, तनहुन 38)
  2. 3,916 लोग अब भी लापता (583 विदेशी नागरिक शामिल)
  3. 12,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
  4. 19 मुख्य मोटर पुल और कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग बह गए


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एक शव पर तीन परिवारों का दावा

पोखरा अस्पताल में रखे ‘शव नंबर 1003’ पर तीन परिवारों ने दावा कर दिया, जिससे पहचान का संकट गहरा गया है. अत्यधिक क्षत-विक्षत होने के कारण शवों की शिनाख्त के लिए पुलिस डीएनए नमूनों का सहारा ले रही है. चितवन में मिले 272 शवों में से सिर्फ 12 की पहचान हो सकी, जिसके बाद 199 अज्ञात शवों को डीएनए सुरक्षित रख दफना दिया गया. भारतीय दूतावास ने भी शवों की शिनाख्त व स्वदेश वापसी के लिए 9-चरणीय प्रक्रिया और हेल्पलाइन जारी की है.

नेपाल में अब ‘मानसिक आघात’ का बड़ा संकट

भौतिक तबाही के बाद प्रभावितों में गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात (पीटीएसडी) देखा जा रहा है. बच्चे रात में बाढ़ के डर से चीखकर जाग रहे हैं और वयस्क गहरे तनाव में हैं. सरकार ने सबसे प्रभावित रसुवा और नुवाकोट में 50 मनोचिकित्सक तैनात किए हैं तथा 1166 और 1115 हेल्पलाइन के जरिए चौबीसों घंटे टेली-काउंसलिंग शुरू की है.


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नेपाल ने कहा- प्रदूषण फैलाने वाले देश दें मुआवजा

नेपाल की वन एवं पर्यावरण मंत्री गीता चौधरी ने कहा कि देश को वैश्विक मंचों पर ‘जलवायु न्याय’ (क्लाइमेट जस्टिस) को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाना होगा. उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलाने वाले अमीर देशों से पर्वतीय देशों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए.

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By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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