Video : नेपाल के नुवाकोट में अचानक आयी बाढ़ ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी है. तबाही के बाद लोग हाथों में अपनों की तस्वीरें लेकर उन्हें हर जगह खोज रहे हैं. कुछ ही घंटों में तेज बहाव ने घरों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. लापता लोगों में बिहार से नेपाल कमाने गये कई मजदूर भी शामिल हैं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए एक शख्स ने बताया कि हादसे वाले दिन कुछ मजदूर अपने साथियों को वहीं छोड़कर सामान खरीदने काठमांडू चले गये थे. इसी वजह से वे बाढ़ की चपेट में आने से बाल-बाल बच गये. अब वे वापस बाढ़ प्रभावित इलाकों में लौटे हैं और अपने साथियों को खोज रहे हैं. उनकी आंखों में अपनों के मिलने की उम्मीद है, लेकिन हर गुजरते पल के साथ चिंता भी बढ़ती जा रही है.
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मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हुई
नेपाल में भीषण बाढ़ और मलबे की इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गयी है, जबकि करीब 9,500 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे आया. इससे मध्य नेपाल के कई गांव और कस्बे तबाह हो गये, सड़क-पुल समेत जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और जलविद्युत परियोजनाएं (Hydroelectric projects) भी बुरी तरह प्रभावित हुईं.
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