Video : साथी बाढ़ में बह गये, हम काठमांडू में थे इसलिए बच गये, बिहार के मजदूर ने सुनाया दर्द

Video : नेपाल में अचानक आयी भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. रविवार (30 अगस्त) तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गयी, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें लोग अपनों की तलाश करते नजर आ रहे हैं.

Video : नेपाल के नुवाकोट में अचानक आयी बाढ़ ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी है. तबाही के बाद लोग हाथों में अपनों की तस्वीरें लेकर उन्हें हर जगह खोज रहे हैं. कुछ ही घंटों में तेज बहाव ने घरों, सड़कों और पुलों को तबाह कर दिया, जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. लापता लोगों में बिहार से नेपाल कमाने गये कई मजदूर भी शामिल हैं.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए एक शख्स ने बताया कि हादसे वाले दिन कुछ मजदूर अपने साथियों को वहीं छोड़कर सामान खरीदने काठमांडू चले गये थे. इसी वजह से वे बाढ़ की चपेट में आने से बाल-बाल बच गये. अब वे वापस बाढ़ प्रभावित इलाकों में लौटे हैं और अपने साथियों को खोज रहे हैं. उनकी आंखों में अपनों के मिलने की उम्मीद है, लेकिन हर गुजरते पल के साथ चिंता भी बढ़ती जा रही है.


ये भी पढ़ें: Nepal Flood : जिस तरह की झील से नेपाल में आई तबाही, वैसी ही 200 ग्लेशियर लेक भारतीय सीमा में

 मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हुई

नेपाल में भीषण बाढ़ और मलबे की इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 788 हो गयी है, जबकि करीब 9,500 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है. 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे आया. इससे मध्य नेपाल के कई गांव और कस्बे तबाह हो गये, सड़क-पुल समेत जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और जलविद्युत परियोजनाएं (Hydroelectric projects) भी बुरी तरह प्रभावित हुईं.


ये भी पढ़ें: प्रभात खबर ग्राउंड रिपोर्ट: नेपाल में दो जिलों को जोड़ने वाला पुल नदी की तेज धार में बहा, उफान पर त्रिशूली नदी


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >