नेपाल: जेन-जी आंदोलन के बाद पहला चुनाव, 1.90 करोड़ मतदाता चुनेंगे नई सरकार, 165 सीटों पर हो रहा मतदान

Nepal Election 2026: नेपाल में 2025 में हुए जेन-जी आंदोलन के बाद चुनाव हो रहे हैं. इस चुनाव में लगभग 1.90 करोड़ जनता अपने मताधिकार का उपयोग करेगी. 165 सीटों के लिए होने वाले मतदान में लगभग 6500 उम्मीदवार मैदान में हैं.

Nepal Election 2026: नेपाल पिछले साल हुए जेन-जी विरोध प्रदर्शन के बाद हो रहे आम चुनावों के लिए नेपाल पूरी तरह तैयार है. भारत के इस पड़ोसी देश में आज, 5 मार्च को लोग नई सरकार चुनने के लिए मतदान कर रहे हैं. बृहस्पतिवार को आम चुनाव में नेपाल की लगभग 3 करोड़ आबादी में से करीब 1.90 करोड़ मतदाता इस बार वोट डालने के पात्र हैं और वे अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं.  कुल 23,112 मतदान केंद्र हैं मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा. मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की व्यवस्था से लेकर सुरक्षा इंतजाम तक हर चीज को सख्त और व्यवस्थित तरीके से तैयार किया गया है. यह चुनाव नेपाल के लिए प्रतिष्ठा का विषय माना जा रहा है, इसलिए चुनाव आयोग कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता.

चुनाव की पूर्व संध्या पर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कार्यवाहक निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने कहा कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि नेपाल सेना के समन्वय से एक एकीकृत सुरक्षा योजना के तहत 300,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई है. भंडारी ने विश्वास व्यक्त किया कि मतदाता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. उन्होंने चुनाव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी पक्षों से सहयोग भी मांगा. उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में मतपेटियों को जिला मुख्यालयों तक पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा.

चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. नेपाल आम चुनाव 2026 के सबसे चर्चित चेहरे बालेन शाह ने अपना मतदान अन्नपूर्णा विनायक स्कूल में किया. देखें-

नेपाल संसद में कितनी सीटें हैं?

देश की 275 सदस्यीय संसद, यानी House of Representatives of Nepal, में से 165 सीटों पर सीधे मतदान के जरिए प्रतिनिधि चुने जाएंगे. जबकि शेष 110 सीटें पार्टियों को उनके कुल वोट प्रतिशत के आधार पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली से मिलेंगी. इसके बाद मतपेटियों को इकट्ठा करते ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी. यह चुनाव उस राजनीतिक संकट के बाद हो रहा है, जब पिछले साल सितंबर में युवाओं के उग्र प्रदर्शनों के चलते केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी.

चुनाव में प्रमुख चेहरे

इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद की दौड़ में कई बड़े नेता शामिल हैं. नेपाल के आगामी चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें लंबे समय से राजनीति में सक्रिय अनुभवी नेता भी शामिल हैं और हाल के विरोध प्रदर्शनों से उभरकर सामने आए नए चेहरे भी. पिछले साल हिंसक ‘जेन जी’ प्रदर्शन के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार गिर गयी थी. एक अधिकारी ने बताया कि जेन जी प्रदर्शन के बाद पहली बार हो रहे आम चुनाव में देश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र मतदाता 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के चुनाव के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. अधिकारी ने बताया कि प्रतिनिधि सभा के लिये 6500 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं. मतदान बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे शुरू हुआ और यह शाम पांच बजे तक चलेगा.

अनुभवी नेताओं में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का नाम प्रमुख है. वह कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता हैं और अपने पिछले कार्यकाल को लेकर हुए विवादों के बावजूद एक बार फिर सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं. इसी तरह नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गगन थापा भी चुनावी मैदान में हैं, जो अपने अभियान में भ्रष्टाचार पर रोक और रोजगार के नए अवसर पैदा करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता दे रहे हैं. वहीं, 71 वर्षीय पुष्प कमल दहल, जिन्हें ‘प्रचंड’ के नाम से भी जाना जाता है, नेपाल कम्यूनिस्ट पार्टी (Maoist Centre) का नेतृत्व करते हैं. वे मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले लगभग एक दशक तक माओवादी आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं.

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वहीं नई पीढ़ी के नेताओं में सबसे ज्यादा चर्चा बलेंद्र ‘बालेन’ शाह की हो रही है. पूर्व रैपर और सिविल इंजीनियर रह चुके शाह काठमांडू के लोकप्रिय मेयर हैं और अब एक सुधारवादी राजनीतिक अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, जो खास तौर पर युवाओं और शहरी मतदाताओं को आकर्षित कर रहा है. 35 वर्षीय बालेन शाह, जो पहले रैपर रह चुके हैं, मध्यमार्गी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के साझा उम्मीदवार हैं. शाह और उनकी टीम आर्थिक सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था तथा बदलाव चाहने वाले मतदाताओं के बीच संतुलन बनाने के वादों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे हैं.

गठबंधन सरकारों का रहा है दौर

नेपाल सात प्रांतों में बंटा हुआ है, जिनमें कोशी, मधेस, बागमती, गंडकी, लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम शामिल हैं. देश में होने वाले इस चुनाव में कई प्रमुख राजनीतिक दल अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें मुख्य रूप से आरएसपी (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी), नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल, एनसीपी, आरपीपी, पीएसपी-एन, जनता पार्टी और यूएनपी जैसी बड़ी पार्टियां शामिल हैं. इसके अलावा कई छोटे और क्षेत्रीय दल भी चुनावी मैदान में उतरे हैं, जो अलग-अलग इलाकों में अपने प्रभाव के आधार पर मुकाबला कर रहे हैं. 

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नेपाल की राजनीति में पिछले कई वर्षों से गठबंधन सरकारों का दौर चलता रहा है. देश में मुख्य रूप से CPN-UML, CPN (माओवादी सेंटर) और नेपाली कांग्रेस जैसी पार्टियों का प्रभाव रहा है, जिनके बीच सत्ता का संतुलन बदलता रहा है. हालांकि इस बार चुनावी मुकाबले में बालेन शाह एक नए और मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरकर सामने आए हैं. जेन-जी आंदोलन के बाद बदली हुई परिस्थिति में यह चुनाव काफी दिलचस्प होगा.

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By Anant narayan shukla

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अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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