London Jewish Ambulance on Fire: उत्तरी लंदन में यहूदी समुदाय की एक एंबुलेंस सेवा को निशाना बनाते हुए बड़ा आगजनी हमला सामने आया है. मेट्रोपोलिटन पुलिस ने सोमवार को बताया कि संदिग्ध यहूदी-विरोधी (एंटीसेमिटिक) नफरत अपराध के तहत चार एंबुलेंसों को रातों-रात आग के हवाले कर दिया गया. पुलिस के अनुसार, यह घटना गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुई, जहां हैटजोला (Hatzola) नामक गैर-लाभकारी स्वयंसेवी संगठन की एंबुलेंसों को जलाया गया. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और इसे एंटीसेमिटिक हेट क्राइम के रूप में देखा जा रहा है. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
लंदन फायर ब्रिगेड को ब्रिटिश स्थानीय समयानुसार रात 1:40 बजे (भारतीय समय सुबह 7:10 बजे) कॉल मिली. फायर ब्रिगेड के मुताबिक, आग बुझाने के लिए छह फायर इंजन और 40 दमकलकर्मियों को मौके पर भेजा गया. आग के दौरान एंबुलेंसों में रखे कई सिलेंडर फट गए, जिससे पास की इमारतों की खिड़कियां भी टूट गईं. दमकल विभाग ने बताया कि सुबह 3:06 बजे (भारतीय समय 8:36 बजे) तक आग पर काबू पा लिया गया.
ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने इस हमले को घिनौना बताया. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि हमें यहूदी-विरोधी नफरत के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा. यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब इजरायल ईरान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ है. दोनों देश एक दूसरे पर भारी हमले कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिका की मदद से इजरायल का पलड़ा थोड़ा भारी पड़ रहा है, लेकिन ईरान ने भी अब तक करारा जवाब दिया है, भले ही उसका सैन्य लीडरशिप समाप्त हो गया है.
एक दिन पहले वेस्ट बैंक में लगाई गई थी आग
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब वेस्ट बैंक में में बीते दिनों हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं. यहां सेटसर यहूदियों ने एक दिन पहले अलग-अलग इलाकों में समन्वित हमले करते हुए फिलिस्तीनियों के घरों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया. जेनिन, हेब्रोन, नब्लस और रामल्लाह के आसपास कई गांवों में रातभर छापेमारी जैसी कार्रवाई हुई, जिसमें लोगों को घायल किया गया और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया.
यह घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब गाजा युद्ध के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक वेस्ट बैंक में 1,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है. वहीं इस साल की शुरुआत से अब तक कम से कम 26 लोगों की जान गई है, जिनमें अधिकांश को गोली मारी गई। लगातार बढ़ती हिंसा ने पूरे इलाके में अस्थिरता और भय का माहौल पैदा कर दिया है.
हमास के हमले के बाद बदल गया पूरे क्षेत्र का माहौल
वहीं, अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास के हमला के बाद से दुनियाभर में यहूदियों और उनसे जुड़े ठिकानों पर हमलों में इजाफा देखा गया है. कम्यूनिटी सिक्योरिटी ट्रस्ट के सीईओ मार्क गार्डनर ने कहा कि यह हमला हाल केलीज, रॉटरडैम और एम्स्टर्डम में हुए यहूदी-विरोधी आगजनी हमलों से मेल खाता है. यूरोप के इन तीनों स्थानों पर यहूदी लोगों या उनसे जुड़े सामान को निशाना बनाया गया था.
ब्रिटेन में इस संघर्ष के बाद से एंटीसेमिटिक घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पिछले साल सबसे गंभीर घटना मैनचेस्टर में हुई थी, जहां यहूदी धर्म के सबसे पवित्र दिन योम किपूर के दौरान हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी.
ये भी पढ़ें:- अपने ही अड्डे पर कैसे मारा गया लश्कर आतंकी बिलाल आरिफ? चाकू और गोली से छलनी कर दी गई दर्दनाक मौत
ये भी पढ़ें:- आसमान से चेतावनी, जमीन से जवाब… कैसे काम करता है अमेरिकी सुरक्षा नेटवर्क, जानिए पूरी कहानी
ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों पर हुआ कातिलाना हमला
वहीं, पिछले साल 14 दिसंबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के बोंडी बीच पर भी यूहदियों के खिलाफ जानलेवा हमला किया गया था, इस अटैक में 15 लोगों की मौत हुई थी. इस अटैक के दोषी हमलावर पिता-पुत्रों की जोड़ी थी. साजिद और नवीद अकरम ने मिलकर यह कत्ले-आम मचाया था. हालांकि पिता साजिद की भी उसी हमले में मौत हो गई थी, जबकि नवीद के ऊपर केस चल रहा है. उसे पिछले महीने 15 फरवरी 2026 को अदालत में पेश किया गया, जहां उसके खिलाफ 59 आरोपों में सुनवाई हुई.
