Israel-Hamas Ceasefire : 19 साल की लिरी को देखकर पिघला बेंजामिन नेतन्याहू का दिल?

Israel-Hamas Ceasefire : डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडन दोनों ने गाजा युद्ध सीजफायर का श्रेय लिया है. इस बीच हम आपको एक वीडियो के बार में बताते हैं, जो कुछ दिन पहले वायरल हुआ था. 19 साल की इजरायली सैनिक का यह वीडियो काफी दर्दनाक था.

Israel-Hamas Ceasefire : गाजा में सीजफायर का श्रेय किसको जाता है ? यह सवाल लोगों के बीच है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ही इस समझौते पर सहमति बनने का श्रेय ले रहे हैं. इस बीच एक वीडियो का जिक्र करते हैं. यह वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था. जनवरी के पहले सप्ताह में वायरल हुए वीडियो में 19 वर्षीय इजरायली सैनिक नजर आ रही है. हमास ने इसे 7 अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमलों के बाद बंदी बना लिया गया था. फिलिस्तीनी ग्रुप के द्वारा बंदी बनाए जानें के एक साल से भी ज्यादा वक्त से वह कैद है. इजराइल रक्षा बलों (IDF) के साथ एक सर्विलांस सोल्जर, लिरी अलबाग गाजा सीमा के पास नाहल ओज सैन्य अड्डे पर तैनात थी.

बंधक सर्विलांस सोल्जर लिरी का वीडियो वायरल

द टाइम्स ऑफ इजराइल ने वीडियो को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इसके अनुसार, आतंकी ग्रुप ने सर्विलांस सोल्जर और 6 अन्य को अगवा कर लिया था. आतंकियों द्वारा किए गए इन हमलों में 15 सैनिक मारे गए थे. लिरी अलबाग का वीडियो साढ़े तीन मिनट का है. इस वीडियो में अलबाग ने कहा कि उसे 450 दिनों से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया है. इजरायली सरकार उसे और दूसरे बंधकों को ऐसा लगता है कि भूल चुकी है. वीडियो में उसने कहा, ”मैं सिर्फ 19 साल की हूं. मेरे सामने मेरी पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन अब मेरी पूरी जिंदगी ठहर सी गई है.”

बंधक सर्विलांस सोल्जर के परिवार ने बेंजामिन नेतन्याहू से की अपील

हमास द्वारा बंदी बनाए गए छह सर्विलांस सोल्जर में से एक को बाद में बचा लिया गया. वहीं दूसरे की हत्या की खबर आई. अलबाग और चार अभी जिंदा हैं. अलबाग के परिवार का रिएक्शन वीडियो वायरल होने के बाद आया. परिवार ने एक वीडियो मैसेज जारी किया. इसमें वे कहते नजर आए कि आतंकी संगठन के द्वारा जारी वीडियो देखने के बाद हमारा दिल सहम गया है. उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से उसकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने की अपील की. परिवार ने अपील की और कहा, ”अब समय आ गया है कि ऐसे निर्णय लिए जाएं जैसे कि बंधक बनाए गए लोग आपके अपने बच्चे हैं.”

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >