इजरायल का आरोप: सनकी ईरान का यरुशलम पर हमला, ईद के दिन अल-अक्सा मस्जिद के पास गिरी मिसाइल

Iran Attacks Jerusalem: इजरायल ने शनिवार को आरोप लगाया कि ईरान ने यरुशलम पर हमला किया. ईद के दिन किए गए इस अटैक में मिसाइल अल-अक्सा मस्जिद के पास गिरी. यह स्थान तीनों रिलीजन- इस्लाम, ईसाई और यहूदियों के लिए पवित्र है.

Iran Attacks Jerusalem: ईरान युद्ध में अब धार्मिक स्थान भी असुरक्षित हो गए हैं. शनिवार को इजरायल ने बताया कि ईरान की एक मिसाइल ने यरुशलम को निशाना बनाया. यह स्थान मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल है. इजरायली विदेश मंत्रालय के अनुसार यह मिसाइल अल-अक्सा मस्जिद से कुछ सौ मीटर की दूरी पर जाकर गिरी. यह हमला ईद-उल-फितर के दिन हुआ. 

इजरायली विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘ईद-उल-फितर के लिए ईरान का “तोहफा”: अल-अक्सा पर मिसाइलें. तीनों धर्मों के पवित्र स्थलों पर ईरान का यह हमला उस ईरानी शासन की सनक को उजागर करता है, जो खुद को धार्मिक होने का दावा करता है.’

इसके बाद एक अन्य पोस्ट में मंत्रालय ने वीडियो भी पोस्ट किया. विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘ईद-उल-फितर के दौरान एक ईरानी मिसाइल यरुशलम में गिरी, जो मुसलमानों, ईसाइयों और यहूदियों के सबसे पवित्र स्थलों से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थी. यही तथाकथित ‘धार्मिक’ मुल्ला शासन का असली चेहरा है.’

इजरायल का दावा है कि ईरान ने इससे पहले भी यरुशलम पर हमला किया था. 16 मार्च को, ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों के छर्रे और उन्हें मार गिराने वाले इजरायली इंटरसेप्टर्स के मलबे यरुशलम का पुराना शहर (ओल्ड सिटी) और उसके आसपास गिरे. इजरायली पुलिस के अनुसार, यह क्षेत्र ईसाइयों, मुसलमानों और यहूदियों के कई पवित्र स्थलों का केंद्र है.

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हालांकि चर्च ऑफ द होली सेपल्चर या पास के पहाड़ी क्षेत्र पर किसी तरह की जान-माल की बड़ी क्षति की खबर नहीं है. यह स्थान दोनों धर्मों के लिए बेहद संवेदनशील और पवित्र माना जाता है. मुसलमान इसे अल-अक्सा मस्जिद परिसर और यहूदी टेम्पल माउंट कहते हैं.

16 मार्च को पुलिस द्वारा जारी तस्वीरों में तीन अधिकारी एक बड़े धातु के छल्ले जैसी मिसाइल के हिस्से को लाल टाइल वाली छत से हटाते हुए दिखाई दिए. यह स्थान होली सेपल्चर चर्च के पास था, जिसे ईसा मसीह के सूली पर चढ़ाए जाने और दफनाने का पारंपरिक स्थल माना जाता है और यह एक प्रमुख तीर्थस्थल है. एक अन्य तस्वीर में अल-अक्सा परिसर के प्रांगण में पुलिस घेरा दिखाया गया, जहां सुनहरे गुंबद वाली डोम ऑफ द रॉक भी स्थित है. वहां जमीन पर मिसाइल के छोटे-छोटे टुकड़े बिखरे हुए नजर आए.

ईरानी हमलों के मद्देनजर तीनो धर्मों का यह पवित्र क्षेत्र फिलहाल बंद है. वहीं, 20 मार्च को हुए हमले के बाद पुलिस ने बताया कि एक बार फिर सुरक्षाबल नागरिक इलाकों में गोला-बारूद के हमलों वाली जगहों पर पहुंच रहे हैं, जिनमें यरुशलम का पुराना शहर भी शामिल है, जो पवित्र स्थलों से पैदल दूरी पर है. इन्हीं कारणों से जीवन-रक्षा दिशा-निर्देशों के तहत इन स्थलों को बंद रखा गया है. ईरानी शासन पवित्र स्थलों के प्रति बिल्कुल भी सम्मान नहीं दिखाता और सभी धर्मों व पृष्ठभूमि के नागरिकों को निशाना बना रहा है.

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