Iran US Tension: ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार (10 मई) को बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिये अमेरिकी प्रस्ताव पर अपना जवाब भेज दिया है. न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की ओर से दिए गए प्रस्ताव पर ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अपना अंतिम रुख साफ करेगा. रविवार को सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) ने पुष्टि की है कि तेहरान ने अमेरिकी प्रस्ताव के नए मसौदे पर अपना जवाब सौंप दिया है. इससे पहले ईरान को भेजे प्रस्ताप पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही ईरान का जवाब आएगा. ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई थी कि अमेरिकी प्रस्ताव का मकसद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को खत्म करना है.
युद्ध खत्म करने पर ईरान का फोकस
ईरान सरकारी मीडिया के मुताबिक ईरान का मकसद मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और सैन्य तनाव को खत्म करना है. न्यूज चैनल अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने युद्ध विराम वार्ता के लिए 14 सूत्रीय योजना तैयार की है. इसमें 30 दिन के अस्थायी युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने का प्रस्ताव भी शामिल है. इसके अलावा तेहरान की शर्तों में ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना, ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करना और क्षेत्र से अमेरिकी सेना की वापसी शामिल है. ईरान ने लेबनान में जारी संघर्ष को खत्म करने की भी मांग की है. यह योजना अमेरिका की पहले की नौ-सूत्रीय शांति योजना के जवाब के रूप में पेश की गई है.
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
बातचीत की ओर बढ़ रही इस कूटनीतिक पहल के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव हाल के दिनों में लगातार बढ़ा है. समुद्र में कई हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. कतर के पास एक मालवाहक जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ. कतर के समुद्री क्षेत्र में रविवार को एक मालवाहक जहाज पर अज्ञात मिसाइल से हमला होने के बाद तनाव काफी बढ़ गया. रविवार सुबह कुवैत के हवाई क्षेत्र में एक हमलावर ड्रोन नजर आया था. हालांकि कुवैत की सेना ने सीमा के अंदर दाखिल होने पर ड्रोन को नष्ट कर दिया.
ईरान-अमेरिका वार्ता में कहां फंस रहा पेच
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में सबसे बड़ा विवाद ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, ईरान के पास 440 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम मौजूद है, जिसे 60 प्रतिशत तक संवर्धित किया गया है. विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्तर हथियार बनाने योग्य क्षमता के काफी करीब माना जाता है. वहीं अमेरिका का कहना है कि किसी भी कीमत पर वो ईरान को परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र नहीं होने देगा.
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