रिपोर्ट में दावा: ईरान ने खार्ग आइलैंड पर बिछाया बारूदी जाल, US ने भेजे हजारों घातक कमांडो

Kharg Island: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका ईरान के सबसे खास खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने की योजना बना रहा है. इसके जवाब में, ईरान ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.

Kharg Island: सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस टापू के चारों ओर समंदर और जमीन पर ‘जाल’ बिछा दिया है. यहां भारी मात्रा में एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइन्स (बारूदी सुरंगें) लगा दी गई हैं, ताकि अगर अमेरिकी सैनिक वहां उतरने की कोशिश करें, तो उन्हें खत्म किया जा सके. ईरान का 90% कच्चा तेल इसी आइलैंड से एक्सपोर्ट होता है.

ट्रंप का प्लान और ईरान की धमकी

सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन इस द्वीप को अपने कब्जे में लेकर ईरान पर दबाव बनाना चाहता है, ताकि वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोल दे. इधर, ईरान के संसद स्पीकर एमबी गालिबाफ ने साफ कर दिया है कि उनकी नजर दुश्मन की हर हरकत पर है. गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर किसी पड़ोसी देश की मदद से उनके आइलैंड पर कब्जा करने की कोशिश हुई, तो ईरान उस पड़ोसी देश को पूरी तरह से मिटा देगा और उसके सारे जरूरी बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को तबाह कर देगा.

US ने तैनात किए 7,000 एक्स्ट्रा जवान

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंटागन ने नॉर्थ कैरोलिना से 82nd एयरबोर्न डिवीजन के 2,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट रवाना कर दिया है. इसके अलावा, जापान से ‘त्रिपोली’ और सैन डिएगो से ‘बॉक्सर’ नाम के दो बड़े समुद्री लड़ाकू बेड़े भी रास्ते में हैं. कुल मिलाकर 6,000 से 7,000 नए मरीन और नेवी जवान वहां पहुंच रहे हैं. अब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 50,000 पार कर गई है. यह 2003 के इराक युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मानी जा रही है.

समंदर में आमने-सामने 

ईरानी नौसेना ने दावा किया था कि उन्होंने USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइलों की बौछार कर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. हालांकि, यूएस सेंटकॉम ने इस दावे की खारिज करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि उनका युद्धपोत अभी भी वहीं मौजूद है और ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है. वहीं, ईरानी नेवी के कमांडर रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने प्रेस टीवी से कहा कि अमेरिकी कैरियर उनकी मिसाइलों की रेंज में है और वह लगातार निगरानी में है.

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ट्रंप बोले- ईरान का लीडरशिप बहुत डरा हुआ है

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने प्रेस टीवी को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है और वे प्रतिरोध की नीति जारी रखेंगे. दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप ने NRCC डिनर में ईरान की पोल खोलते हुए कहा कि वहां का लीडरशिप बहुत डरा हुआ है. ट्रंप के मुताबिक, ‘वे डील करने के लिए बेताब हैं, लेकिन अपने ही लोगों और हमसे डरते हैं.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया में ईरान के हेड जैसा पद आज कोई नहीं चाहेगा क्योंकि वहां जान का खतरा सबसे ज्यादा है.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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