Iran Rebuild Infrastructure Challenge: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी थी कि वे ईरान के ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन नेटवर्क को पूरी तरह ठप कर देंगे. ट्रंप ने तो यहां तक कहा था कि वे ईरान को बमबारी से ‘पत्थर युग’ (पाषाण युग) में वापस भेज देंगे. हालांकि, ईरान ने इस तबाही के बीच बहुत तेजी से रिकवरी करके सबको चौंका दिया है.
40 से 96 घंटों में दोबारा तैयार किए रेलवे ब्रिज
8 अप्रैल से लागू हुए संघर्षविराम (सीजफायर) के बाद से ईरानी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने टूटे हुए रेल ट्रैक और पुलों को रिकॉर्ड समय में ठीक कर लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी इंजीनियरिंग टीमों ने सिर्फ 40 से 96 घंटों के भीतर कई बड़े पुलों को फिर से चालू कर दिया है.
ईरान के दूतावास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन वीडियो को शेयर कर अमेरिका और इजरायल की ताकत को चुनौती दे रहे हैं. वियतनाम युद्ध की तरह, जहां वियतनामी सेना ने अमेरिकी हमले के बाद तुरंत अपनी सप्लाई लाइन ठीक कर ली थी, ईरान भी वैसी ही फुर्ती दिखा रहा है.
इन रूट्स पर फिर से दौड़ने लगीं ट्रेनें
फ्रांसीसी समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के उत्तर-पश्चिमी अजरबैजान क्षेत्र में रेल सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं. रेलवे के डायरेक्टर जनरल अलीरेजा सुलेमानी ने IRNA न्यूज एजेंसी को बताया कि तबरीज से तेहरान और मशहद जाने वाली ट्रेनें 4-5 दिनों के ब्रेक के बाद शुरू हो गई हैं. यहां तक कि तुर्की जाने वाली तेहरान-तबरीज-वान ट्रेन भी दोबारा पटरी पर लौट आई है.
तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से एएफपी ने बताया कि मध्य इस्फहान के काशान में याह्या आबाद ब्रिज को हमले के बाद बहुत जल्दी ठीक किया गया और वहां से पहली ट्रेन गुजर चुकी है. वहीं, कोम के पास एक मुख्य रेलवे ब्रिज को महज 40 घंटों के काम के बाद शनिवार को फिर से खोल दिया गया.
युद्ध में 1.25 लाख से ज्यादा इमारतों को नुकसान
ईरान की सरकारी प्रवक्ता फातेमा मोहाजेरानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जंग शुरू होने के बाद से अब तक 1.25 लाख से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है. इनमें सबसे ज्यादा रिहायशी मकान हैं, लेकिन स्कूल और अस्पताल भी तबाह हुए हैं.
सरकार का अनुमान है कि इन इमारतों को पूरी तरह ठीक करने में 3 महीने से लेकर 2 साल तक का समय लग सकता है. तेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि वे अपने 2,000 वर्कर्स की मदद से 1-2 महीनों में एनर्जी सप्लाई की क्षमता को 70-80% तक वापस ले आएंगे.
इजरायल का दावा- 8 रेलवे ब्रिज किए तबाह
द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना (IDF) ने ईरान के 8 रेलवे पुलों और सड़कों को निशाना बनाया था. उनका दावा है कि इन रास्तों का इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई के लिए किया जा रहा था. 7 अप्रैल को तेहरान, करज, तबरीज, काशान और कोम जैसे शहरों में भारी हमले हुए थे.
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ट्रंप ने कहा- अब सीजफायर बढ़ाने का इरादा नहीं
एबीसी न्यूज के जर्नलिस्ट जोनाथन कार्ल से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया कि वह 2 हफ्ते के इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं हैं. ट्रंप ने कहा है कि अगले दो दिन बहुत बड़े होने वाले हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई ‘डील’ होती है तो वह ज्यादा बेहतर है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान के इस्लामाबाद या यूरोप में बातचीत का दूसरा दौर शुरू हो सकता है.
कौन करवा रहा है बातचीत?
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बातचीत को लीड कर सकते हैं. उनके साथ ट्रंप के खास सलाहकार स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हो सकते हैं. ये टीम ईरान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि युद्ध को रोकने का कोई रास्ता निकल सके. फिलहाल 100 घंटों के भीतर 8 में से 6 रेलवे साइट्स को फिर से शुरू कर ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह झुकने के मूड में नहीं है.
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