Iran US War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी और बढ़ गई है. युद्ध के साथ-साथ जुबानी जंग भी जारी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, साथ ही कहा था कि अगर यह रणनीतिक समुद्री मार्ग जल्द नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले करेगा. अब ट्रंप की धमकी पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पलटवार किया है.
ईरान के राष्ट्रपति का ट्रंप को दो टूक जवाब
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ट्रंप की धमकी पर जोरदार पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ईरान को मिटाने की बातें विरोधियों की बौखलाहट हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा ईरान को मानचित्र से मिटाने का भ्रम एक इतिहास रचने वाले राष्ट्र की इच्छा के विरुद्ध हताशा को दर्शाता है. धमकियां और आतंक केवल हमारी एकता को मजबूत करते हैं.
कुछ देशों को छोड़कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सभी के लिए खुला है- ईरानी राष्ट्रपति
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन उन ताकतों के लिए नहीं जो ईरान की सरजमीं, संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन करने की कोशिश करती हैं. पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान किसी भी दबाव, धमकी या सैन्य उकसावे के आगे झुकने वाला नहीं है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक महत्व
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की गिनती दुनिया के सबसे रणनीतिक और संवेदनशील समुद्री मार्गों में होती है. दुनिया भर के करीब 20 फीसदी तेल और गैस की सप्लाई इसी रूट से होती है. हालांकि भोगोलिक बनावट के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुस पर ईरान का काफी प्रभाव है. यहां से जहाजों और टैंकरों की बेरोकटोक आवाजाही बंद है. सीमित संख्या में यहां से जहाज गुजर रहे है. इसके कारण वैश्विक स्तर पर तेज और ऊर्जा की आपूर्ति को चोट पहुंची है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और कई देशों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ गई है.
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