Iran Lowers War Age Limit: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जंग में मदद के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, अब 12 साल के बच्चे भी युद्ध से जुड़े कामों में शामिल हो सकेंगे. आईआरजीसी के अधिकारी रहीम नदाली ने सरकारी मीडिया पर बताया कि इसके लिए ‘फॉर ईरान’ नाम की एक नई शुरुआत की गई है. इसमें बच्चों को पेट्रोलिंग, चेकपॉइंट्स और सामान पहुंचाने जैसे कामों में लगाया जाएगा. नदाली का कहना है कि बच्चे खुद आगे आकर शामिल होने की मांग कर रहे थे, इसलिए उम्र की सीमा घटाकर 12 साल कर दी गई है.
इससे पहले ईरान की नियमित सेना (आरतेश) और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स में एक्टिव मिलिट्री सर्विस के लिए पहले कम से कम 18 साल की उम्र अनिवार्य थी. वहीं, पैरामिलिट्री फोर्स ‘बसीज’ (Basij) में वॉलंटियर के तौर पर जुड़ने के लिए 15 साल की उम्र को पैमाना माना जाता था. अब इस नए फैसले ने युद्ध से जुड़े सपोर्टिंग रोल के लिए उम्र की इस कानूनी सीमा को सीधे 12 साल पर ला दिया है.
अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन
ईरान के इस कदम पर सवाल उठने लगे हैं क्योंकि यह ‘कन्वेंशन ऑन द राइट्स ऑफ द चाइल्ड’ के नियमों के खिलाफ है. पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने इसे बेहद डरावना बताया है. उन्होंने कहा कि बच्चों को सैन्य कामों में शामिल करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. उन्होंने याद दिलाया कि 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध के दौरान भी 12 साल के बच्चों को ‘बसीज’ नाम की फोर्स में भर्ती किया गया था.
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों का बुरा हाल
द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के हमलों ने मिडिल ईस्ट में कम से कम 13 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को रहने लायक नहीं छोड़ा है. हालात इतने खराब हैं कि अमेरिकी सैनिकों को अपने मजबूत ठिकानों को छोड़कर होटलों और ऑफिसों में शरण लेनी पड़ रही है. अधिकारी इसे ‘रिमोट वॉर’ कह रहे हैं क्योंकि अब युद्ध का मैदान पूरी तरह बिखर चुका है.
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ट्रंप ने बढ़ाई ईरान पर हमले की डेडलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक बड़ा बयान दिया. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए 7 दिन का वक्त मांगा था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर 10 दिन कर दिया है. अब यह समय सीमा 6 अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ गई है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर भी लिखा कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है.
तेल के जहाजों के बदले मिला एक्स्ट्रा टाइम
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने यह 10 दिन का समय इसलिए दिया क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से 8 तेल के टैंकरों को गुजरने का रास्ता दिया है. ट्रंप ने इसे ईरान की तरफ से एक ‘तोहफे’ की तरह बताया. उन्होंने साफ चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान ने तय शर्तों को पूरा नहीं किया, तो अमेरिका उनके पावर प्लांट्स और एनर्जी ठिकानों को पूरी तरह खत्म कर देगा.
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