Iran Latest Update: विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 599, ट्रंप का दावा मार खाने के बाद बातचीत के लिए तैयार ईरान, ये बन रहा मध्यस्थ, इसको मिली रिपोर्टिंग की इजाजत

Iran Latest Updates: ईरान में पिछले लगभग 16 दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 599 पहुंच गई है. अमेरिका की ओर से उसके ऊपर लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान मार खा-खाकर थक चुका है और वह बातचीत की टेबल पर है. इन दोनों के बीच ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. वहीं इंटरनेट बंदी भी लगभग उसी समय से चल रही है, जब से प्रदर्शन शुरू हुए हैं. ऐसे में खबरें बाहर नहीं आ रही है, जिसके बाद अल जजीरा को ईरानी प्रशासन ने रिपोर्टिंग की इजाजत दी है.

Iran Latest Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान पर हमले की चेतावनी देने के बाद अब तेहरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है. ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार ईरान में महंगाई और मुद्रा अवमूल्यन के खिलाफ देशभर में जारी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 599 हो गई है. हालांकि, ईरान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति की इस टिप्पणी पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. ट्रंप का यह बयान ओमान के विदेश मंत्री की सप्ताहांत में हुई ईरान यात्रा के बाद आया है. ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. भारत और ओमान के रिश्ते हमेशा से ही अच्छे रहे हैं. ऐसे में ओमान को भारत का दोस्त कहना गलत नहीं होगा.

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बातचीत के लिए ईरान किस तरह की पेशकश कर सकता है, खासकर तब जब ट्रंप ने उसके परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली को लेकर सख्त शर्तें रखी हैं. तेहरान इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम मानता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत के दौरान कहा कि “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.” उन्होंने हिंसा के लिए इजराइल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया. अराघची ने कहा, “विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और खूनखराबा इसलिए कराया गया, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके.”

कतर के अल जजीरा को मिली रिपोर्टिंग की इजाजत

कतर समर्थित अल जजीरा सैटेलाइट न्यूज नेटवर्क ने अराघची के इस बयान का प्रसारण किया. गौरतलब है कि ईरान में इंटरनेट सेवाएं बाधित होने के बावजूद अल जजीरा को देश के भीतर से रिपोर्टिंग की अनुमति दी गई है. हालांकि, अराघची ने यह भी कहा कि ईरान “कूटनीति का स्वागत करता है.” इसी बीच, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन यह बातचीत “आपसी हितों और चिंताओं की मान्यता पर आधारित होनी चाहिए, न कि एकतरफा, दबावपूर्ण या तानाशाही रवैये पर.”

सरकार के समर्थन में भी हो रहे प्रदर्शन

सोमवार को ईरान में सरकार के आह्वान पर लाखों लोग सड़कों पर उतरे और धर्मतांत्रिक शासन के समर्थन में प्रदर्शन किया. इसे 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के नेतृत्व को चुनौती देने वाले विरोध प्रदर्शनों के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित दृश्यों में प्रदर्शनकारियों को ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजरायल मुर्दाबाद’ और ‘अल्लाह के दुश्मनों का नाश हो’ जैसे नारे लगाते देखा गया.

अमेरिका क्या कदम उठाने जा रहा, क्या करेगा हमला?

इससे पहले, व्हाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया था कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदमों पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजराइल द्वारा सीधे सैन्य कार्रवाई के विकल्प शामिल हैं. इन सूत्रों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी. रविवार रात एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “सेना इस पर विचार कर रही है और हम बेहद सख्त विकल्पों पर भी गौर कर रहे हैं.”

लगातार मार खाकर थक चुका ईरान अब बातचीत करने को तैयार- ट्रंप

ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई की धमकियों पर ट्रंप ने कहा, “अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन्हें ऐसा करारा जवाब देंगे, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी.” ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक को लेकर बातचीत कर रहा है, लेकिन चेतावनी दी कि ईरान में बढ़ती मौतों और प्रदर्शनकारियों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों को देखते हुए उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वे अमेरिका से लगातार मार खाकर थक चुके हैं. ईरान बातचीत करना चाहता है.”

विरोध प्रदर्शनों में मौत और गिरफ्तारी

अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, ईरान में जारी प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 599 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 510 प्रदर्शनकारी और 89 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. एजेंसी ने बताया कि बीते दो हफ्तों में 10,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. यह एजेंसी ईरान में मौजूद अपने नेटवर्क के जरिए सूचनाओं का सत्यापन करती है और पहले भी हिंसक घटनाओं के दौरान अपेक्षाकृत सटीक आंकड़े देने के लिए जानी जाती रही है.

इंटरनेट बंदी से वेरिफाइड खबरें आने में मुश्किल

हालांकि, इंटरनेट सेवाओं के ठप होने और फोन लाइनों के कटे रहने के कारण स्थिति का स्वतंत्र आकलन मुश्किल हो गया है. एसोसिएटेड प्रेस भी मृतकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर सका है, जबकि ईरानी सरकार ने अब तक आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं. माना जा रहा है कि सूचना पर लगी पाबंदियों से सुरक्षा बलों के कट्टरपंथी तत्वों को और कठोर कार्रवाई करने का हौसला मिल रहा है. शनिवार रात से रविवार सुबह तक तेहरान और देश के दूसरे सबसे बड़े शहरों में प्रदर्शन जारी रहे. ऑनलाइन सामने आए वीडियो में रविवार रात से सोमवार तक विरोध प्रदर्शन होते दिखे, जिसकी पुष्टि एक तेहरान अधिकारी ने सरकारी मीडिया में की.

सोमवार दोपहर करीब दो बजे ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने तेहरान के एन्घेलाब चौक (इस्लामी क्रांति चौक) की ओर बढ़ती भीड़ की तस्वीरें प्रसारित कीं. चैनल पर सुबह से ही मंत्रियों, सुरक्षा अधिकारियों और धार्मिक नेताओं के रैली में शामिल होने की खबरें दिखाई जा रही थीं. सरकारी मीडिया ने इस रैली को “अमेरिकी-इजराइली आतंकवाद के खिलाफ ईरानी जनविद्रोह” करार दिया.

चेतावनी के बाद सड़कें खाली

इस बीच, तेहरान के निवासियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी वाले संदेश भेजे, जिसके बाद शाम होते-होते सड़कें लगभग खाली हो गईं. इन संदेशों में कहा गया था, “बीती रात कुछ सभाओं में आतंकवादी समूहों और सशस्त्र तत्वों की मौजूदगी, बड़े पैमाने पर हत्या की साजिशों और दंगाइयों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के सरकार के फैसले को देखते हुए, परिवारों से अपील है कि वे अपने युवाओं और किशोरों पर विशेष ध्यान रखें.”

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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