मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई, ईरानी मीडिया ने किया कन्फर्म; बेटी-दामाद, बहू की भी मौत

Iran Khamenei Dead: इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है. ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि कर दी है. खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोते/पोती, बहू और दामाद की भी मौत हो गई है.

Iran Khamenei Dead: ईरान के सरकारी टेलीविजन और सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने 86 वर्षीय नेता की मौत की पुष्टि कर दी. यह पुष्टि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह कहे जाने के कुछ घंटों बाद आई कि अली खामेनेई को ईरान के अहम ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए अमेरिका–इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में मार दिया गया है. वहीं इजरायली मीडिया, Times of Israel ने ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से रिपोर्ट किया कि इन हमलों में अली खामेनेई की बेटी, पोते/पोती, बहू और दामाद की मौत हो गई है. इजरायली अखबार ने कहा कि खुद खामेनेई के भविष्य को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. ईरान से आ रही विभिन्न रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं.

वहीं खामेनेई के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी एक पोस्ट किया गया है. इसमें लिखा गया, अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत कृपालु, दयावान है. ईमान वालों में ऐसे पुरुष हैं जिन्होंने अल्लाह से किए गए अपने वचन को पूरा कर दिखाया. उनमें से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अपना वचन निभा दिया, और कुछ ऐसे हैं जो अभी प्रतीक्षा में हैं; और उन्होंने अपने मार्ग में रत्ती भर भी परिवर्तन नहीं किया है. (पवित्र क़ुरआन, 33:23). ऐसे समय में इस तरह की पोस्ट करना मीडिया में चल रही खबरों की लगभग पुष्टि ही करता है. खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के सार्वजनिक शोक की घोषणा की गई है.

डोनाल्ड ट्रंप ने भी मौत की पुष्टि की

इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अयातुल्ला की मौत का दावा करते हुए इसे ईरान के लोगों के लिए न्याय बताया था. ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, ‘इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई, मर चुका है. यह न केवल ईरान के लोगों के लिए, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया के कई देशों के उन लोगों के लिए भी न्याय है जिन्हें खामेनेई और उसके रक्तपिपासु गुंडों ने मारा या अपंग किया… हालांकि, भारी और सटीक बमबारी पूरे सप्ताह या जब तक आवश्यक होगा, बिना रुके जारी रहेगी, ताकि मध्य पूर्व और वास्तव में पूरी दुनिया में शांति के हमारे उद्देश्य को हासिल किया जा सके.’

ईरान में धार्मिक शासन से त्रस्त जनता में जश्न

सीएनएन ने ईरान के कई शहरों में जश्न की खबर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों की सड़कों पर सीटी बजाने, तालियां, ‘इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद’ और ‘शाह जिंदाबाद’ जैसे नारे सुनाई दिए. फॉक्स न्यूज ने भी एक वीडियो पोस्ट करते हुए रिपोर्ट किया कि ईरान के कराज शहर के उपनगर बेसात टाउन में लोग खामेनेई की मौत का जश्न मना रहे हैं.

इजरायल सरकार के पूर्व प्रवक्ता एयलोन ए. लेवी ने एक्स पर जश्न का एक और वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘इजरा/ली महिलाओं ने सुना कि इजरायल ने अत्याचारी खामेनेई को मार गिराया है, तो ईरानी महिलाएं बिना सिर ढके सड़कों पर नाच रही हैं. आज सुबह पश्चिमी नेताओं की कायरतापूर्ण प्रतिक्रिया पर उन्हें शर्म आनी चाहिए. हम सब इसे याद रखेंगे.’ ईरानी कार्यकर्ता और पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने भी एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘ईरान के भीतर लोग जश्न मना रहे हैं. क्या मैं सपना देख रही हूं? नमस्ते, नई दुनिया.’ लंदन से आ रही रिपोर्टों में भी वीडियो दिखाए गए हैं, जिनमें प्रवासी ईरानी और इजरा/ली एक साथ सड़कों पर नाचते और जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं.

रेजा पहलवी ने ईरानियों को एकजुट होने के लिए कहा

इससे पहले, निर्वासित ईरानी युवराज रेजा पहलवी ने खामेनेई की मौत के बाद ईरानियों से एकजुट होने और ‘स्वतंत्र व समृद्ध भविष्य की ओर स्थिर संक्रमण’ का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने किसी उत्तराधिकारी की नियुक्ति की कोशिश को ‘शुरुआत से ही विफल’ बताया और चेतावनी दी कि गिरते हुए शासन को बचाने के प्रयास सफल नहीं होंगे. पहलवी ने कहा कि खामेनेई की मौत उन परिवारों को कुछ सुकून दे सकती है जिन्होंने ईरान की ‘लायन एंड सन नेशनल रिवोल्यूशन’ में अपने प्रियजनों को खोया है, और उन्होंने लोगों से सतर्क व एकजुट रहने की अपील की.

खामेनेई की मौत की न तो ईरान में किसी भी प्राधिकरण ने पुष्टि की है और न ही खंडन. सवाल यह भी बना हुआ है कि क्या शासन कोई उत्तराधिकारी नियुक्त करेगा और क्या कथित मौत पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्ति की ओर ले जाएगी. शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने ईरान में बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए थे. इन हमलों में आईआरजीसी के कमांड ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया.

रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी तेहरान के आसपास के इलाके, जिनमें सर्वोच्च नेता के कार्यालयों से जुड़े स्थान भी शामिल हैं, हमलों की पहली लहर में प्रभावित हुए. इजरायली अधिकारियों ने पहले ही संकेत दिया था कि जिस स्थान पर खामेनेई के मौजूद होने की आशंका थी, उसे भी निशाना बनाया गया था.

एएनआई के इनपुट के साथ.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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