गर्लफ्रेंड के जरिए सेना के राज लीक… ईरान को जानकारी भेजने वाला जासूस बेनकाब, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप!

Iran Espionage: इजराइल में एक बड़ा जासूसी मामला सामने आया है, जहां किर्यात याम का युवक शिमोन अजारजर ईरानी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सैन्य जानकारी भेजने के आरोप में गिरफ्तार हुआ. जांच में उसकी गर्लफ्रेंड की भूमिका और दूसरे संदिग्ध की गिरफ्तारी भी सामने आई है.

Iran Espionage: इजरायल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. एक स्थानीय युवक पर आरोप है कि उसने देश की सैन्य जानकारी ईरान की खुफिया एजेंसी तक पहुंचाई. बात-बात में फोन निकालकर फोटो खींचने वाला यह शख्स पिछले एक साल से संवेदनशील ठिकानों की लोकेशन ईरानी एजेंटों को भेज रहा था. मामला गंभीर है, और जांच में पुलिस-शिन बेट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

Iran Espionage: शिमोन अजारजर पर आरोप तय

हैफा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में रविवार को 27 वर्षीय शिमोन अजारजर (किर्यात याम निवासी) के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई. आरोप है कि ईरानी खुफिया एजेंसी को संवेदनशील सैन्य जानकारी भेजना और देश के रणनीतिक ठिकानों की फोटो और लोकेशन साझा करना शामिल है. शिन बेट और इजराइल पुलिस के मुताबिक अजारजर की गिरफ्तारी अक्टूबर में उसकी गर्लफ्रेंड के साथ हुई थी. उस पर आरोप है कि वह ईरान के निर्देश पर जानकारी जुटाता था और अलग-अलग “काम” करता था.

गर्लफ्रेंड का इस्तेमाल कर रहा था जानकारी जुटाने में

जांच में पता चला कि अजारजर ने अपनी गर्लफ्रेंड का भी इस्तेमाल किया, जो एयर फोर्स बेस में रिजर्विस्ट के तौर पर तैनात थी. उनके अनुसार, वह अपनी गर्लफ्रेंड से आईडीएफ के संचालन, बेस और संवेदनशील गतिविधियों की जानकारी लेता था और फिर यह डेटा ईरानी संपर्कों तक पहुंचाता था. यानी एक तरह से उसने अपने रिश्ते का गलत फायदा उठाकर गोपनीय जानकारी “बेचने” की कोशिश की.

Iran Espionage: सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी चेतावनी

शिन बेट और इजराइल पुलिस ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि इजरायली नागरिक किसी भी विदेशी दुश्मन देश या अनजान स्रोत से संपर्क न रखें. पैसे या किसी भी लालच में ऐसे लोगों के लिए काम करना बेहद खतरनाक है.हम ऐसे मामलों को पकड़ते रहेंगे और दोषियों को सजा दिलाएंगे. ये चेतावनी इसलिए भी अहम है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में ईरान की ओर से इस तरह के कई प्रयास बढ़े हैं.

दूसरा संदिग्ध भी पकड़ा गया था

अजारजर की गिरफ्तारी से एक हफ्ता पहले एक और शख्स को इसी तरह के आरोपों में हिरासत में लिया गया था. जांच के दौरान उसके घर से डिजिटल सामग्री, 18 सिम कार्ड बरामद हुए, जिन्हें वह कथित रूप से विदेशी एजेंट से बात करने के लिए इस्तेमाल करता था. लेकिन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे बिना हाउस अरेस्ट के ही रिहा कर दिया, जिसने मामले को और संवेदनशील बना दिया.

शिन बेट के मुताबिक उस व्यक्ति ने ईरानी हैंडलर के कहने पर कई जगहों की फोटो खींची, जिनमें तेल अवीव म्यूजियम ऑफ आर्ट, बावली इलाके के गनेई अव्राहम पार्क और रमात गण में ऑपरेशन “राइजिंग लायन” के दौरान रॉकेट गिरने वाली जगह. शख्स को इसके बदले हजारों शेकेल की क्रिप्टोकरेंसी दी गई थी.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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