Iran Attack on Kuwait : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब मिडिल ईस्ट के देशों में स्पष्ट दिखने लगा है. कुवैत ने दावा किया है कि उसपर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिन्हें कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा रास्ते में ही रोक दिया गया. वहीं ईरानी सेना ने भी कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया है.
कुवैत ने कहा- मिसाइल और ड्रोन हमलों को किया इंटरसेप्ट
कुवैत की सेना के जनरल स्टाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बयान जारी किया. उन्होंने लिखा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली "ईरान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना कर रही है". सेना ने स्पष्ट किया कि लोगों को जिन विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे दुश्मन के हमलों की नहीं बल्कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की हैं. न्यूज एजेंसी पीटीआई के रिपोर्ट में बताया गया कि कुवैत की सुरक्षा एजेंसियां भी हाई अलर्ट पर हैं.
ईरान का दावा- अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना
इससे कुछ ही घंटे पहले ईरान की सेना और आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं. ईरान के मुताबिक कैंप ब्यूहरिंग के गोला-बारूद डिपो और अली सलेम एयर बेस के एयर डिफेंस रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है.
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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार तेज हुआ है. दोनों देशों के बीच सीजफायर टूटने के बाद सैन्य कार्रवाई फिर बढ़ गई है. इसके चलते कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ा तो पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है.
