होर्मुज नाकाबंदी पर ईरानी राजदूत की प्रतिक्रिया, कहा- उकसाने वाला कदम

US Iran Tension: पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम होर्मुज में अमेरिकी घेराबंदी पर कहा कि नौसैनिक नाकेबंदी एक अवैध, उकसाने वाला और गैर-रचनात्मक कदम है, जो शायद साख बचाने के लिए की गई रणनीतिक चूक है.

Strait of Hormuz: पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम (Reza Amiri Moghadam) ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकाबंदी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे गरिमा के साथ पीछे हटने और अपनी साख बचाने के लिए की गई लापरवाही भरी चूक कहा है. ईरानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घटनाक्रम बेकार के बयानों से लेकर लापरवाह कार्रवाइयों और फिर उसी चक्र को दोहराने जैसा खतरनाक पैटर्न है.

मोघदम ने बोला अमेरिकी राष्ट्रपति पर हमला

मोघदम ने कहा कि नौसैनिक नाकाबंदी का मकसद यह दिखाना है कि चीजों को बलपूर्वक थोपा जा रहा है, ताकि हथियारों की तैनाती, आक्रामक बयानबाजी, जानमाल के नुकसान और अमेरिकी करदाताओं पर पड़ने वाले बोझ को सही ठहराया जा सके. उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में नाकाबंदी की घोषणा के बाद की, जिसका उद्देश्य चीन और अन्य देशों को ईरान से तेल आपूर्ति से रोकना बताया गया है.

अमेरिका और ईरान कर सकते हैं दूसरे दौर की बातचीत

इस बीच पाकिस्तानी अंग्रेजी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून (The Express Tribune) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ईरान और अमेरिका को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष अगले सप्ताह इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर के लिए फिर मिल सकते हैं.

विफल हो गई थी पहले दौर की वार्ता

इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रविवार (12 अप्रैल)अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई थी. इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हुए थे. वहीं, ईरान की तरफ से उनकी संसद के स्पीकर बागेर गालीबाफ ने हिस्सा लिया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के न्योते पर यह दोनों लीडर्स शनिवार (11 अप्रैल) को इस्लामाबाद पहुंचे थे. बातचीत खत्म होने और कोई नतीजा नहीं निकलने को अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुरी खबर कहा था. ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच 21 घंटे तक बैठक हुई थी, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई.

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By Pritish Sahay

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