चीन का त्यौहार: सड़क पर लगती है टेबल, साथ खाते हैं हजारों लोग, इस बार 300 मीटर लंबी लाइन लगी, जहां इंडियन बना सुपरस्टार

चीन के युन्नान प्रोविंस में अंगमातू त्यौहार मनाया जाता है. हानी जनजाति का यह त्यौहार नेचर के लिए डेडिकेटेड है. इसमें लोग एक साथ सड़क पर ही टेबल सजाते हैं और साथ बैठकर खाते हैं. इसी त्यौहार के दौरान एक भारतीय पहुंच गया, जिसके साथ लगभग 1000 लोगों ने फोटो खिंचवाई.

दुनिया के हर देश में अलग और अनोखे त्यौहार मनाए जाते हैं, जो अपने आप में उस एरिया के स्पेशल होते हैं. होली, दीपावली, ईद और क्रिसमस जैसे त्यौहार तो ग्लोबल हैं, लेकिन कुछ फेस्टीवल ऐसे हैं जो कुछ स्पेसिफिक एरियाज में ही मनाए जाते हैं. जैसे- अमेरिका का हैलोवीन या मैक्सिको का डेड फेस्टिवल और भी इसी तरह के तमाम त्यौहार पूरी दुनिया में अपनी स्पेशियालिटी के लिए मशहूर हैं. दुनिया की पुरानी सिविलाइजेशंस जैसे भारत और चीन में तो ऐसे त्यौहार और भी देखे जाते हैं. ऐसा ही एक फेस्टिवल चीन के युन्नान प्रांत में मनाया जाता है- अंगमातू नाम का. इसमें लोग सड़क पर ही एक लंबी टेबल लगाकर खाना खाते हैं. चीन के एक दूरदराज गांव में इसी त्यौहार के दौरान इंडियन ट्रैवेलर पहुंच गया. लोकल ट्राइब के इस उत्सव में वह सुपरस्टार बन गया. 

सोशल मीडिया पर आद्विक ने अपना एक इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया. अद्विक नाम के इस यूजर ने कहा कि वह चीन के युन्नान प्रोविंस के एक गांव में आया था, जो वियतनाम बॉर्डर से 15 किमी दूर है. यहां पर एक हानी ट्राइब रहती है. इस ट्राइब का फेस्टिवल न्यू ईयर शुरू होने से 10 दिन पहले सेलिब्रेट किया जाता है. आद्विक ने कहा कि उन्होंने लोकल लोगों की तरह ही ड्रेस पहनी, जिसकी वजह से वह फेमस हो गए और उनके साथ लगभग 1000 लोगों ने तस्वीर खिंचवाई. लोकल्स को यह खूब पसंद आया. आद्विक ने दावा किया कि इस दौरान लगभग 15,000 लोगों ने एक साथ खाना खाया.

आद्विक के वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही वह उत्सव में शामिल हुआ, लोग एक के बाद एक उसके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए लाइन में लग गए. क्लिप में रंग-बिरंगे कपड़े पहने लोग, कल्चरल प्रोग्राम करते दिख रहे हैं. लोग कैमरे के सामने मुस्कुराते व एक्साइटेड होकर पोज भी दे रहे हैं. आद्विक ने फेस्टिवल के लिए तैयार किए गए पारंपरिक भोजन की झलकियां भी साझा कीं. ये ऐसा कल्चरल प्रोग्राम था, जिसमें लोग सड़क पर ही लाइन लगाकर बैठ जाते हैं, तो वहीं खाना शेयर करते हैं.  जिससे गांव की स्थानीय परंपराओं और रोजमर्रा के जीवन को करीब से देखने का मौका मिला. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. वीडियो के अंत में अद्विक स्वीकार करता है कि उसे मिले अपनापन और अट्रैक्शन ने चौंका दिया. देखें वीडियो-

क्या है अंगमातू त्यौहार

चीन के युन्नान प्रांत में रहने वाली हानी जनजाति का अंगमातु पर्व एक प्रमुख पारंपरिक उत्सव है. इसकी सबसे खास पहचान प्रसिद्ध लॉन्ग स्ट्रीट बैंक्वेट (चांगजिएयान) है. इस सामूहिक भोज में गांव की सड़कों पर सैकड़ों मीटर तक लंबी कतार में मेजें लगाई जाती हैं, जिन पर स्थानीय व्यंजन सजाए जाते हैं. यह पर्व आमतौर पर फसल कटाई के बाद, चंद्र कैलेंडर के 10वें महीने (जनवरी-फरवरी के आसपास) में मनाया जाता है और इसे हानी नववर्ष तथा ड्रैगन पूजा से भी जोड़ा जाता है. यह पर्व मुख्य रूप से युन्नान प्रांत के हानी बहुल क्षेत्रों जैसे युआनयांग काउंटी और ल्वेचुन काउंटी में मनाया जाता है, जहां गांव की सड़कों को एक विशाल, खुश और कल्चरल भोज में बदल दिया जाता है.

नेचर से मिली चीजों को ही खाने में परोसा जाता है

लॉन्ग स्ट्रीट भोज में परोसा जाने वाला हर व्यंजन सीढ़ीनुमा खेतों, जंगलों और नदियों से प्राप्त सामग्री से तैयार किया जाता है, जो ह्यूमन और नेचर के बीच तालमेल की हानी समुदाय की सोच को प्रस्तुत करता है. इस उत्सव का उद्देश्य गांव के संरक्षक देवता की पूजा करना, अच्छी बारिश और समृद्ध फसल के लिए प्रार्थना करना तथा कृषि चक्र (एग्रीकल्चर साइकल) के सफल समापन का उत्सव मनाना होता है. लॉन्ग स्ट्रीट भोज में परोसे जाने वाले व्यंजन हानी लोगों की प्रकृति से गहरी जुड़ाव को दर्शाते हैं. इसमें लाल चावल, अंडे, सूअर और मुर्गे का मांस के साथ ही जंगलों से मिले नैचुरल फूड मैटेरियल ही शामिल होता है. 

इस बार 300 मीटर लंबी टेबल लगी

चीन की एक न्यूज वेबसाइट इनकुनमिंग के मुताबिक इस बार अंगमातु पर्व के अवसर पर हानी गांव में 300 मीटर लंबा स्ट्रीट भोज ऑर्गनाइज किया गया. नए साल के तुरंत बाद, चीन के युन्नान प्रांत के होंघे हानी और यी स्वायत्त प्रांत के युआनयांग काउंटी स्थित एजा टाउनशिप के हाबो गांव में अंगमातु पर्व मनाया गया. इस फेस्टिवल का इतिहास लगभग 400 वर्ष पुराना है. इसमें अलग-अलग जातीय समूहों के लोग एक साथ आकर फसल उत्सव मनाने और कम्यूनिटी की एकता को मजबूत करते हैं.

खाने की टेबल पर आने वाली फसल के बारे में होती है चर्चा

सुबह-सुबह गांव के घरों से उठता धुएं का हल्का गुबार और सीढ़ीनुमा खेतों की मछली, बांस के कीड़े और स्मोक्ड मांस जैसे विशेष व्यंजनों की खुशबू पूरी घाटी में फैल जाती है. त्योहार के दिन हानी समुदाय के पुरुष, महिलाएं और बच्चे ट्रेडिशन कपड़े पहनकर अपनी सबसे खास पकवानों को सामूहिक मेजों पर सजाते हैं. सैकड़ों मेजें गांव की सड़क पर लगाई जाती हैं. सामूहिक मेजों के चारों ओर बैठकर लोग लजीज खाने का आनंद लेते हैं. इस दौरान वे बीते वर्ष की मेहनत व भरपूर फसल पर बात करते हैं. यहां परिचित हों या अपरिचित, हर बैठने वाला परिवार का सदस्य माना जाता है. हंसी-खुशी से भरा यह त्योहार समुदाय के आपसी रिश्तों को मजबूत करने और जातीय एकता को बढ़ावा देने का एक अहम जरिया भी है.

नेचर के साथ सामंजस्य का त्यौहार है अंगमातू

अंगमातु पर्व केवल एक भोज नहीं है, बल्कि यह नेचर के साथ चलने और पर्यावरण के साथ सामंजस्यपूर्ण (हार्मनी) जीवन जीने का संदेश देता है. ऐलाओ पर्वतों की गहराइयों में पीढ़ियों से रहने वाले हानी लोग प्रकृति को पूजते हैं. वह पहाड़ों व जंगलों के प्रति गहरा सम्मान रखते हैं. सदियों की कृषि परंपराओं के माध्यम से उन्होंने ऐसा जीवन-तंत्र विकसित किया है, जिसमें ह्यूमन ऐक्टिविटी नेचर के साथ संतुलन बनाए रखती हैं. इनकुनमिंग के मुताबिक शायद इसी से विश्वप्रसिद्ध सीढ़ीनुमा खेतों की सभ्यता का जन्म हुआ.

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लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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