हंगरी में पीटर मैग्योर की ऐतिहासिक जीत, 16 साल बाद हारे 'ट्रंप और पुतिन के दोस्त' विक्टर ओर्बन

Hungary Election Results: हंगरी में 16 साल के ओर्बन युग का अंत हो गया है. पीटर मैग्योर की तिस्जा पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सत्ता की कमान संभाल ली है. इस चुनावी उलटफेर ने न केवल यूरोप बल्कि रूस और ट्रंप के समीकरण भी बिगाड़ दिए हैं.

Hungary Election Results: हंगरी में 16 साल से चल रहा विक्टर विक्टर विक्टर ओर्बन का राज अब खत्म हो गया है. संसदीय चुनाव के नतीजों में विक्टर ओर्बन को अपनी हार स्वीकार करनी पड़ी है. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, 97.35% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी है, जिसमें पीटर मैग्योर की ‘ तिस्जा’ (Tisza) पार्टी को भारी जीत मिली है. मग्यार की पार्टी ने 199 सीटों वाली संसद में 138 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है. उन्हें कुल 53.6% वोट मिले हैं, जबकि विक्टर विक्टर ओर्बन की ‘फिडेज’ (Fidesz) पार्टी को सिर्फ 55 सीटें और 37.8% वोट ही मिल पाए हैं.

ओर्बन साल 2010 से लगातार सत्ता में थे

विक्टर विक्टर विक्टर ओर्बन साल 2010 से लगातार सत्ता में थे, लेकिन इस बार उनकी लोकप्रियता में बड़ी गिरावट देखी गई. चुनाव के नतीजे आने के बाद विक्टर विक्टर ओर्बन ने अपनी हार को ‘दर्दनाक’ बताया और कहा कि वे अब विपक्ष में रहकर काम करेंगे. रॉयटर्स के अनुसार, विक्टर विक्टर ओर्बन की हार की खबर मिलते ही बुडापेस्ट की सड़कों और मेट्रो में लोग जश्न मनाने लगे. इस चुनाव में 77% से ज्यादा वोटिंग हुई, जो एक रिकॉर्ड है. सर्वे एजेंसी मीडियन के मुताबिक, विक्टर विक्टर ओर्बन की पार्टी को युवाओं का सबसे कम साथ मिला; 18 से 29 साल के केवल 8% युवाओं ने ही उन्हें वोट दिया.

कौन हैं पीटर मैग्योर जिन्होंने पलटा पासा

पीटर मैग्योर कभी विक्टर विक्टर ओर्बन की सरकार का ही हिस्सा थे, लेकिन साल 2024 में एक बड़े राजनीतिक विवाद के बाद उन्होंने अलग होकर अपनी पार्टी बनाई. 45 साल के मग्यार पेशे से वकील हैं और फिलहाल यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य हैं. उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ और सरकारी संस्थाओं में सुधार के वादों के साथ चुनाव लड़ा था. मग्यार ने अपनी जीत के बाद कहा कि हंगरी अब यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ मिलकर चलेगा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करेगा.

रूस और अमेरिका के लिए बड़े संकेत

विक्टर विक्टर विक्टर ओर्बन को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी माना जाता था. उनकी हार को ग्लोबल लेवल पर राष्ट्रवादी और दक्षिणपंथी राजनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. यूएसए टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव से कुछ दिन पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी विक्टर विक्टर ओर्बन की मदद के लिए हंगरी पहुंचे थे, लेकिन इसका कोई खास असर नहीं हुआ. विक्टर विक्टर ओर्बन पर अक्सर मीडिया की आजादी छीनने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोप लगते रहे हैं.

अगली सरकार का नया विजन

यूरो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीटर मैग्योर  ने साफ किया है कि वे सबसे पहले वारसॉ, वियना और ब्रुसेल्स की यात्रा करेंगे. उनका मुख्य लक्ष्य यूरोपियन यूनियन द्वारा रोके गए अरबों यूरो के फंड को वापस हंगरी लाना है. उन्होंने विक्टर विक्टर ओर्बन के समय नियुक्त किए गए राष्ट्रपति तामस सुल्योक और अन्य बड़े अधिकारियों से इस्तीफा मांग लिया है. मग्यार ने कहा है कि उनकी सरकार ‘यूरोपियन पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस’ में शामिल होगी ताकि देश में जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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