Hantavirus Outbreak: क्रूज पोत से यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को उतारा जा रहा है. पोत से उतारने के बाद यात्रियों को स्वदेश भेजा जाएगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), स्पेन के अथॉरिटी और क्रूज कंपनी ओशनवाइड एक्सपेडिशंस ने कहा है कि एमवी होंडियस पर सवार किसी भी व्यक्ति में फिलहाल वायरस के लक्षण नहीं दिख रहे.
वायरस से पोत में सवार तीन लोगों की हो चुकी है मौत, 5 संक्रमित
हंता वायरस के कारण पोत में सवार तीन लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि पोत से उतर चुके पांच यात्री हंता वायरस से संक्रमित हैं. यह वायरस जानलेवा बीमारी का कारण बन सकता है.
WHO महानिदेशक यात्रियों को पोत से बाहर निकालने की निगरानी करेंगे
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस, स्पेन के स्वास्थ्य और गृह मंत्रियों के साथ पोत से लोगों को निकालने की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. टेड्रोस ने ट्वीट कर जहाज पहुंचने की जानकारी दी. उन्होंने एक्स पर लिखा- MV Hondius क्रूज जहाज टेनेरिफ के तट पर पहुंच गया है. हम बंदरगाह पर हैं और यात्रियों के सुरक्षित उतरने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं.
पोत के यात्रियों को स्थानीय आबादी से दूर रखा जाएगा
अधिकारियों ने कहा है कि जिन यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को पोत से उतारा जाएगा, उनका स्थानीय आबादी से कोई संपर्क नहीं होगा. उन्हें तभी पोत से उतारा जाएगा, जब निकासी उड़ानें उन्हें उनके गंतव्यों तक ले जाने के लिए तैयार होंगी.
यात्रियों को छोटी नावों बैठाकर तट पर लाया जाएगा
यात्रियों को छोटी नावों में तट पर लाया जाएगा, जिनमें एक बार में अधिकतम 10 लोग ही सवार होंगे. राष्ट्रीयता और स्वदेश वापसी की उड़ानों के कार्यक्रम के अनुसार यात्रियों को उतारने की व्यवस्था की जा रही है.
क्रूज में अमेरिका सहित इन देशों के यात्री थे सवार
संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, आयरलैंड और नीदरलैंड सहित कई देश अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेज रहे हैं. सीएनएन के अनुसार 17 अमेरिकी यात्रियों को, जिनमें से किसी में भी लक्षण नहीं दिख रहे थे, मूल्यांकन और 42 दिनों तक घर पर निगरानी के लिए नेब्रास्का विश्वविद्यालय चिकित्सा केंद्र ले जाया जाएगा.
हंता वायरस क्या है और कैसे फैलता है?
हंता वायरस (Hantavirus) चूहों से फैलने वाला एक गंभीर, दुर्लभ जानलेवा वायरस है. यह चूहों के मलमूत्र या लार के संपर्क में आने से मनुष्यों में फैलता है. यह कोरोना की तरह हवा में तेजी से फैलने वाला वायरस नहीं है. इसमें मृत्यु दर 30 से 40 प्रतिशत है.
