H-1B Visa : अमेरिकी नौकरियों से विदेशियों की होगी छुट्टी? जेडी वेंस बोले- लगेगी $1,00,000 की फीस

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीज़ा कार्यक्रम को लेकर कड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं. उनका कहना है कि यह वीज़ा प्रतिभाशाली लोगों के लिए होना चाहिए, न कि अमेरिकी कर्मचारियों को हटाकर सस्ते विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए.

H-1B Visa : अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर ट्रंप प्रशासन का रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि H-1B वीजा का इस्तेमाल अमेरिकी पेशेवरों को हटाकर कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को रखने के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

प्रतिभाशाली लोगों को ही मिले वीजा

जेडी वेंस ने कहा कि संसद (कांग्रेस) में राजनीतिक गतिरोध के कारण कानून बदलना आसान नहीं है, इसलिए प्रशासन स्तर पर ही सुधार किए जा रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा, "यदि कोई टेक कंपनी H-1B वीजा पाना चाहती है, तो वह केवल वास्तविक जीनियस (प्रतिभाशाली) व्यक्ति के लिए होना चाहिए. ऐसे लोग जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था या टेक इकोसिस्टम को मजबूती प्रदान कर सकें. यह व्यवस्था इसके लिए नहीं है कि 60,000 डॉलर कमाने वाले किसी अमेरिकी अकाउंटेंट को हटाकर 45,000 डॉलर में विदेशी अकाउंटेंट को रख लिया जाए."

100,000 डॉलर फीस और छंटनी पर रोक

प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कड़े कदमों का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने बताया कि H-1B वीजा के लिए 100,000 डॉलर का शुल्क लगाने की योजना बनाई गई है. इसके साथ ही उन कंपनियों पर भी निगरानी रखी जा रही है जो एक तरफ अमेरिकी कर्मचारियों को निकालती हैं और दूसरी तरफ विदेशी कार्यबल की मांग करती हैं.

वेंस ने कंपनियों के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा, "यह हास्यास्पद है कि कंपनियां कर्मचारियों की कमी का रोना रोती हैं और दूसरी तरफ 5,000 लोगों को नौकरी से निकाल देती हैं. यदि आप अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी कर रहे हैं, तो आपको विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने का हक नहीं होना चाहिए."

कानूनी अड़चनों के बावजूद नीति पर कायम

उपराष्ट्रपति ने माना कि इन सख्त फैसलों के कारण प्रशासन को कानूनी चुनौतियों और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार कानून और नीति दोनों ही मोर्चों पर सही है. उन्होंने दोहराया कि H-1B वीजा व्यवस्था का मूल उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाना है, न कि घरेलू कार्यबल को विस्थापित करना.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

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करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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