जल रहा फ्रांस,राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा- ‘स्नैपचैट’ और ‘टिकटॉक’ की वजह से फैल रही है हिंसा

मैक्रों ने कहा कि ‘स्नैपचैट’ और ‘टिकटॉक’ जैसे सोशल मीडिया मंचों ने इस सप्ताह हिंसा की गतिविधियों को बढ़ावा देने में भूमिका निभायी. जानें आखिर क्यों फ्रांस में हिंसा फैली.

France riots : फ्रांस की राजधानी पेरिस में पुलिस द्वारा एक किशोर को गोली मारे जाने की घटना के बाद यहां लगातार तीसरे दिन लोगों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अवरोधक लगाकर सड़कों को अवरूद्ध कर दिया, आगजनी की और पुलिसकर्मियों पर पटाखे फेंके. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें डाली. इस सिलसिले में 875 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की घटनाओं में 200 पुलिस अधिकारी घायल हो गये.

गौरतलब है कि मंगलवार को यातायात जांच के दौरान 17 वर्षीय नाहेल की हत्या का वीडियो भी सामने आया है. इस घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया है और लोग काफी आक्रोशित हैं. इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को माता-पिता से किशोरों को घर पर रखने का आग्रह किया और पूरे फ्रांस में फैल रहे दंगों को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा. वरिष्ठ मंत्रियों के साथ दूसरी आपात बैठक के बाद, मैक्रों ने कहा कि ‘स्नैपचैट’ और ‘टिकटॉक’ जैसे सोशल मीडिया मंचों ने इस सप्ताह हिंसा की गतिविधियों को बढ़ावा देने में भूमिका निभायी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ‘‘सबसे संवेदनशील सामग्री को हटाने’’ के लिए प्रक्रिया स्थापित करने के लिए प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ काम करेगी.

विरोध प्रदर्शन तीसरी रात भी जारी

इस घटना के बाद फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे और जगह-जगह आगजनी की घटनाएं हुईं तथा विरोध प्रदर्शन तीसरी रात भी जारी रहा. फ्रांस की राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने कहा कि हिरासत में लिए गए 875 लोगों में से लगभग आधे पेरिस क्षेत्र से हैं. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उपनगर क्लिची-सूस-बोइस के सिटी हॉल में आग लगा दी और ऑबर्विलियर्स में एक बस डिपो को आग के हवाले कर दिया. उन्होंने बताया कि पेरिस के कई इलाकों में लोगों के समूहों ने सुरक्षा बलों पर पटाखे फेंके.

40,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया

क्षेत्रीय अधिकारियों ने बताया कि शहर के 12वें प्रांत के पुलिस थाने पर हमला किया गया, जबकि रिवोली स्ट्रीट, लौवर संग्रहालय के निकट और मध्य पेरिस के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल ‘फोरम डेस हॉलेस’ में कुछ दुकानें लूट ली गईं. उन्होंने बताया कि कि भूमध्यसागरीय बंदरगाह शहर मार्सिले में, पुलिस ने शहर के मध्य में हिंसक समूहों को तितर-बितर करने की कोशिश की. पेरिस पुलिस मुख्यालय के अनुसार विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने लिए लगभग 40,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है.

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मेरे बेटे को न्याय मिलना चाहिए: नाहेल की मां

राष्ट्रीय पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, लगभग 200 पुलिस अधिकारी घायल हुए. इस बीच गृह मंत्री गेराल्ड डारमनिन ने शुक्रवार को हिंसा की घटनाओं की निंदा की. नाहेल की मां मौनिया एम ने ‘फ्रांस 5’ टेलीविजन को बताया कि वह उस पुलिस अधिकारी से बहुत अधिक गुस्सा हैं जिसने उनके इकलौते बच्चे को मार डाला. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे को न्याय मिलना चाहिए. एक पुलिस अधिकारी अपनी बंदूक लेकर हमारे बच्चों पर गोली नहीं चला सकता, हमारे बच्चों की जान नहीं ले सकता.

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