पाकिस्तान के शेखूपुरा में 16 वर्षीय एक ईसाई लड़के के जबरन धर्मांतरण और अपहरण का मामला सामने आया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स फोकस पाकिस्तान (HRFP) ने घटना पर चिंता जताते हुए नाबालिग की सुरक्षित घर वापसी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. संगठन का आरोप है कि स्थानीय फैक्ट्री में लड़के पर लगातार धार्मिक दबाव बनाया गया.
परिवार ने लगाया मुस्लिम धर्मगुरुओं पर दबाव का आरोप
HRFP के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले लड़के ने अपने परिवार को बताया था कि फैक्ट्री में कुछ मुस्लिम वयस्क उस पर लगातार धार्मिक दबाव डाल रहे थे. संगठन का कहना है कि इस दबाव में माना जा रहा है कि स्थानीय धर्मगुरुओं का भी समर्थन था. परिवार के अनुसार, इस वजह से लड़का लगातार परेशान रहने लगा था.
नौकरी छोड़ने की कोशिश पर कथित तौर पर दी गई धमकी
संगठन के अनुसार, 18 अगस्त को लड़के ने अपनी परिस्थितियों के कारण नौकरी से इस्तीफा देने की कोशिश की. HRFP का दावा है कि उस समय उसके नाम को उसके मूल नाम से अलग तरीके से दर्ज किया गया था. परिवार ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों ने उसे नौकरी जारी रखने के लिए दबाव डाला और परिवार की सुरक्षा को खतरा होने की चेतावनी दी.
ब्लैकमेल और धमकी के कारण फैक्ट्री जाता रहा नाबालिग
HRFP के मुताबिक, परिवार ने बताया कि ब्लैकमेल और धमकियों के चलते लड़का फैक्ट्री में काम करता रहा. माता-पिता ने उसके व्यवहार में बदलाव महसूस किया और जब भी उससे सवाल किया, उसने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई.
HRFP की टीम ने माता-पिता से की मुलाकात
HRFP की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने नाबालिग के माता-पिता से मुलाकात की. संगठन के अनुसार, माता-पिता ने अपने बेटे को मानसिक रूप से परेशान और पहले की तुलना में काफी बदला हुआ बताया. परिवार ने यह भी दावा किया कि लड़के को काम के दौरान दिन में पांच बार इस्लामिक नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया.
पुलिस के पास पहुंचा परिवार तो सामने आया धर्म बदलने का दावा
HRFP का कहना है कि परिवार जब पुलिस के पास पहुंचा तो उन्हें बताया गया कि नाबालिग को मुस्लिम माना जा रहा है और मामले को अदालत के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा. संगठन के अनुसार, पुलिस पूछताछ के दौरान लड़के ने घर लौटने की इच्छा जताई थी. इसके बावजूद HRFP का दावा है कि बाद में फैक्ट्री से जुड़े लोगों ने उसे माता-पिता से अलग रहने के लिए दबाव डाला.
10 सितंबर को घर नहीं लौटा लड़का, परिवार ने पुलिस से लगाई गुहार
संगठन के मुताबिक, 10 सितंबर को नाबालिग घर वापस नहीं आया. इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया. HRFP का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में कार्रवाई करने में अनिच्छा दिखाई. लड़के के पिता ने जबरन धर्मांतरण और अपहरण को लेकर आवेदन दिया था.
13 सितंबर को पुलिस ने दर्ज की FIR
HRFP ने बताया कि स्थानीय पुलिस स्टेशन में 13 सितंबर को FIR दर्ज की गई. संगठन के अनुसार, FIR में कहा गया कि नाबालिग 10 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे काम के लिए घर से निकला था और उसके बाद उसके "संभावित रूप से अपहरण" किए जाने की बात दर्ज की गई.
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