Ex-US Soldier Kill Job for UAE: भाड़े के सैनिक. कुछ साल पहले; 2023 में रूस का वैगनर ग्रुप काफी चर्चा में था. उसका सरगना था- येवेगनी प्रिगोझिन. काम क्या था? रूस के प्रॉक्सी के तौर पर लड़ाइयां लड़ना. हालांकि, बाद में प्रोगोझिन ने पुतिन से दगाबाजी की और कहीं अन्यत्र शून्य में लापता हो गया. अब एक और प्रिगोझिन सरीखे सैनिक की चर्चा है, लेकिन यह भाड़े का सैनिक रूसी नहीं बल्कि अमेरिका का है. अमेरिकी सेना के एक पूर्व सैनिक पर आरोप लगा है कि उसने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए हत्याएं कीं. इसके बदले उसने लाखों डॉलर की कमाई की.
एसोशिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है. यमन के सांसद अंसाफ अली मायो के अनुसार, पूर्व यूएस सैनिक- अब्राहम गोलन को 2015 में उन्हें मारने के लिए एक भाड़े के सैनिक (मर्सिनरी) के रूप में नियुक्त किया गया था. उनका कहना है कि यह हत्याएं यूएई के लिए की जा रही थीं. यूएई ने अपने राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने की एक बड़ी रणनीति बनाई थी और अब्राहम गोलन उसी का हिस्सा था.
गोलन ने सैन डिएगो में एक पूर्व नेवी सील इसैक गिलमोर के साथ मिलकर ‘स्पीयर ऑपरेशंस ग्रुप’ नाम की एक निजी सैन्य कंपनी बनाई थी. इस कंपनी में कई कर्मचारी पूर्व अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज के सदस्य थे. यह खुलासा अदालती दस्तावेजों से हुआ है. इस ग्रुप के खिलाफ मुकदमा चल रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि इस कंपनी ने यूएई के साथ टारगेटेड असैसिनेशन (लक्षित हत्याएं) करने का समझौता किया था. इसके बदले उन्हें हर महीने 15 लाख डॉलर (1.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 10 करोड़ (2015 के हिसाब से)). इतना ही नहीं सफल हत्याओं पर अतिरिक्त बोनस भी दिया जाता था.
मायो ने पूर्व अमेरिकी सैनिकों पर लगाए आरोप
मायो ने इस ग्रुप के दो सैन्य दिग्गजों और स्पीयर ऑपरेशंस के संस्थापक पर युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध और न्यायिक प्रक्रिया के बिना हत्या की कोशिश के आरोप लगाए हैं. गोलन, गिलमोर और एक अन्य अमेरिकी आर्मी स्पेशल फोर्सेज सदस्य डेल कॉमस्टॉक ने इस हत्या अभियान में अपनी भूमिका स्वीकार की है. इसमें मायो को मारने की कोशिश भी शामिल है.
कब हुई थी यह घटना?
मायो ने दावा किया कि 29 दिसंबर 2015 को स्पीयर के एक ठेकेदार ने दक्षिणी शहर अदन में उनके दफ्तर की इमारत में विस्फोटक लगा दिए थे. धमाका होने से कुछ मिनट पहले ही वह वहां से भाग निकले और उनकी जान बच गई. अपनी सुरक्षा के डर से उन्होंने बाद में यमन छोड़ दिया और सऊदी अरब में शरण ली. मायो ने कहा, ‘स्पीयर ने दस साल पहले मुझे मारने की कोशिश की थी. मैं बच गया, लेकिन तब से अपने परिवार से दूर निर्वासन में रहने को मजबूर हूं.’
मायो अमेरिका में पूर्व सैनिकों पर कर सकते हैं केस
मायो अमेरिका के निवासी नहीं हैं. हालांकि, अमेरिका के एलियन टॉर्ट स्टेचू नाम के कानून के तहत विदेशी नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के मामलों में अमेरिकी अदालतों में मुकदमा करने की अनुमति देता है. सेंटर फॉर जस्टिस एंड अकाउंटिबिलिटी के लीगल डायरेक्टर डेनियल मैकलॉफलिन ने कहा कि यह मुकदमा पूर्व अमेरिकी सैनिकों को उनके गैरकानूनी कामों के लिए जवाबदेह ठहरारता है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने पूर्व सैनिकों द्वारा उनके प्रशिक्षण और कौशल के इस्तेमाल को नियंत्रित करे और कानून तोड़ने पर उन्हें जवाबदेह ठहराए.
गोलन ने स्वीकार किया अपना अपराध
गोलन ने 2018 में BuzzFeed को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘यमन में एक टारगेटेड असैसिनेशन प्रोग्राम था. मैं उसे चला रहा था. हमने यह किया. यह यूएई की मंजूरी से गठबंधन के भीतर किया गया.’ इन ठेकेदारों ने मीडिया इंटरव्यू में खुले तौर पर इस मिशन के बारे में बात की है और बताया कि उनका लक्ष्य मायो था. मायो अल-इस्लाह नाम के एक इस्लामी समूह के स्थानीय नेता थे.
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यूएई का नेताओं की हत्या से इनकार
2015 में, यूएई ने अमेरिका समर्थित एक क्षेत्रीय गठबंधन के साथ मिलकर यमन के गृहयुद्ध में हस्तक्षेप किया था. यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्सों पर कब्जा कर लिया. जहां यूएई अल-इस्लाह को आतंकवादी संगठन मानता है, वहीं कई विशेषज्ञ इसे एक वैध राजनीतिक पार्टी मानते हैं. यह समहू यमन में यूएई की नीतियों की खुलकर आलोचना करता है. हालांकि, यूएई ने यमन में आतंकवाद विरोधी अभियानों का समर्थन करने की बात स्वीकार की है, लेकिन उसने राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है.
