EU Claim: उनका दावा है कि रूस की मदद से ईरान अमेरिकी सैनिकों पर हमले कर रहा है. रूस अब ईरान को ड्रोन भी दे रहा है, जिसका इस्तेमाल पड़ोसी देशों और अमेरिकी बेस पर हमलों के लिए हो रहा है.
यूक्रेन और मिडिल ईस्ट की जंग का कनेक्शन
G7 की इस मीटिंग में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल होने वाले हैं. काजा क्लास ने जोर देकर कहा कि अगर अमेरिका चाहता है कि मिडिल ईस्ट में उस पर हमले रुकें, तो उसे रूस पर दबाव बनाना होगा. यूरोपीय नेताओं का मानना है कि यूक्रेन और मिडिल ईस्ट की जंग आपस में जुड़ी हुई है. क्लास के अनुसार, रूस की मदद की वजह से ही ईरान इतने बड़े हमले कर पा रहा है. इस बीच, तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों की यूरोप में आलोचना भी शुरू हो गई है.
जंग में अब तक का भारी नुकसान
इस संघर्ष में जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, ईरान में अब तक 1900 से ज्यादा और लेबनान में लगभग 1100 लोग मारे जा चुके हैं. इस जंग में 13 अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है. लाखों लोग ईरान और लेबनान से विस्थापित हो चुके हैं. जर्मन रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने भी चेतावनी दी है कि इस तनाव से पूरी दुनिया में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है, हालांकि अभी शांति के लिए कोई साफ रास्ता नजर नहीं आ रहा है.
ट्रंप की दी 10 दिन की मोहलत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह जल्द से जल्द बातचीत की मेज पर आए. फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि ईरान ने अपने पावर प्लांट्स पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए 7 दिन का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर 10 दिन (6 अप्रैल 2026 तक) कर दिया है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान ने सद्भावना के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से 8 तेल टैंकरों को निकलने का रास्ता दिया है, जिसे देखते हुए उन्होंने यह मोहलत दी है.
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हॉर्मुज में ईरान का सख्त पहरा
ईरान ने समुद्र के रास्ते होने वाले बिजनेस के मुख्य मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी के अनुसार, ईरान इस रास्ते से सुरक्षित निकलने के लिए फीस वसूल रहा है. इसी बीच इजरायल ने दावा किया है कि उसने हवाई हमले में ईरानी नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी को मार गिराया है. इजरायल का आरोप है कि तंगसिरी ही इस समुद्री रास्ते को ब्लॉक करने के लिए जिम्मेदार थे.
शांति के लिए पाकिस्तान बना मध्यस्थ
तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव (15- प्वाइंट्स प्लान) का जवाब दे दिया है. पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ (मेडिएटर) की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के डिप्लोमैट्स ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष रूप से बातचीत चल रही है. हालांकि, इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें 6 अप्रैल की डेडलाइन पर टिकी हैं.
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