Earthquake : सोए थे लोग, डोलने लगी धरती, सुबह–सुबह पाकिस्तान में आया भूकंप

Earthquake : पाकिस्तान में भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह करीब 3.54 बजे आया. इस वक्त लोग सोए हुए थे. भूकंप के झटके से लोग सहम गए.

Earthquake : जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के अनुसार, रविवार को मध्य पाकिस्तान में 5.3 तीव्रता का भूकंप आया. रॉयटर्स ने यूरो-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र के हवाले से बताया कि भूकंप का केंद्र मुल्तान शहर से 149 किमी पश्चिम में स्थित था. भूकंप सुबह करीब 3.54 बजे (IST) आया. भूकंप से किसी के हताहत होने या नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है. भूकंप के बाद लोग घर से बाहर खुले स्थान की ओर भागे.

पाकिस्तान भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन स्थल की सीमा पर स्थित है. इसलिए देश में भूकंप आना एक नियमित घटना है.

भूकंप के बाद दहशत में आ गए लोग

भूकंप के तेज झटकों से सो रहे लोगों की नींद खुल गई. घरों में रखे सामान, पंखे आदि हिलने लगे. यह देख लोग घबरा गए और तुरंत घरों से बाहर की ओर भागे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ घरों की दीवारों में दरारें आईं और मामूली नुकसान की भी खबर है.

पाकिस्तान में भूकंप की वजह क्या है?

पाकिस्तान दुनिया के सबसे भूकंप प्रभावित देशों में से एक है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां कई बड़े भूगर्भीय दरारें (फॉल्ट लाइनें) गुजरती हैं. इसी कारण अक्सर भूकंप आते हैं. पाकिस्तान का भूगोल दो बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों (यूरेशियन प्लेट और इंडियन प्लेट) के बीच आता है. बलूचिस्तान, कबायली क्षेत्र, खैबर पख्तूनख्वा और गिलगित-बाल्टिस्तान यूरेशियन प्लेट पर स्थित हैं. वहीं सिंध, पंजाब और पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर इंडियन प्लेट पर स्थित हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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