'होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ तो अपने देश नहीं लौट पाओगे', डोनाल्ड ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी सख्त रुख अपनाया. इस बयान से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच अहम बातचीत चल रही है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए नई सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी. ट्रंप ने ईरान से लेबनान में हिज्बुल्लाह पर लगाम लगाने को कहा और साफ शब्दों में कहा कि अगर होर्मुज को बंद किया गया, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

ट्रंप ने ईरान की उस धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें होर्मुज को बंद करने की बात कही गई थी. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज पर कोई भी अड़ंगा लगाया, तो अमेरिका पूरी ताकत से जवाब देगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ईरानी डेलिगेशन को ट्रंप ने दी चेतावनी

फॉक्स न्यूज के अनुसार, ट्रंप ने ईरानी डेलिगेशन को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर होर्मुज बंद करने की कोशिश की, तो तुम अपने देश तक भी वापस नहीं पहुंच पाओगे. ट्रंप के इस बयान के बाद तनाव और बढ़ गया है. बाद में ट्रंप ने दावा किया कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल नहीं होती है, तो वाशिंगटन होर्मुज पर सीधे कंट्रोल करने का कदम उठा सकता है.

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होर्मुज पर कितना टैक्स वसूल सकता है अमेरिका

ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हम होर्मुज का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकते हैं. अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो वहां से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूला जाएगा. उन्होंने दावा किया कि ऐसी व्यवस्था में हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर उनके तेल कार्गो के मूल्य का करीब 20 प्रतिशत तक टोल लगाया जा सकता है. ट्रंप के इस बयान को ईरान पर दबाव बढ़ाने और ग्लोबल एनर्जी रूट पर अमेरिकी पकड़ मजबूत करने की चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.

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Published by: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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