डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म से मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने के लिए दो नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं. इससे उन्होंने अपनी सख्त आव्रजन नीति (Immigration Policy) को फिर आगे बढ़ाया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट उनकी इसी तरह की पिछली कोशिश को खारिज कर चुका था. अब इस नए फैसले पर भी कानूनी विवाद की संभावना है.
ट्रंप प्रशासन के नए आदेशों के तहत कुछ खास मामलों में जन्म के आधार पर अपने आप मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता को सीमित करने की कोशिश की गई है. इसका सबसे बड़ा निशाना 'बर्थ टूरिज्म' है, यानी वे लोग जो सिर्फ बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका जाकर जन्म देते हैं. व्हाइट हाउस का कहना है कि इस बार आदेश पहले की तुलना में अधिक सीमित दायरे में हैं, इसलिए ये सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन नहीं करते.
'बर्थ टूरिज्म' व्यवस्था को खत्म किया जाएगा : ट्रंप
व्हाइट हाउस में आदेश पर हस्ताक्षर के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के एडवाइजर स्टीफन मिलर ने कहा कि सरकार उन विदेशी नागरिकों पर रोक लगाना चाहती है, जो सिर्फ अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं. प्रशासन का कहना है कि इस तरह की 'बर्थ टूरिज्म' व्यवस्था को खत्म किया जाएगा.
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स्टीफन मिलर ने कहा, "इस आदेश पर हस्ताक्षर के साथ ही 'बर्थ टूरिज्म' पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब दुनिया का कोई भी व्यक्ति अपने बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने जैसे धोखाधड़ी वाले उद्देश्य से अमेरिका का वीजा नहीं ले सकेगा."
क्या कहती है रिपोर्ट, जानें
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, 2016-17 के दौरान एक साल में करीब 20,000 से 25,000 महिलाएं अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका गई थीं. वहीं, 2025 में अमेरिका में कुल 36 लाख (3.6 मिलियन) बच्चों का जन्म रिकॉर्ड किया गया.
