नेपाल के पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री माधव प्रसाद चौलागाईं ने बृहस्पतिवार (27 अगस्त) को विनाशकारी बाढ़ से पहले नेपाल और चीन के बीच समय पर सूचना साझा न किए जाने को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आपदा का पैमाना इतना बड़ा है कि मृतकों की संख्या “अविश्वसनीय” रूप से बढ़ सकती है.
तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल में तबाही
बुधवार(26 अगस्त) सुबह तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से चीन और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में विनाशकारी अचानक बाढ़ आ गई. नेपाल में अब तक 270 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि तिब्बत को मिलाकर कुल मृतकों की संख्या 500 से अधिक बताई जा रही है. हजारों लोग लापता हैं, जिनमें करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं.
पिछले साल भी ग्लेशियर टूटने आई थी बाढ़
माधव प्रसाद चौलागाईं, जिन्होंने पिछली सरकार में भौतिक बुनियादी ढांचा मंत्रालय भी संभाला था, उन्होंने कहा कि नेपाल को 2025 में भी इसी तरह की, हालांकि छोटे स्तर की, ग्लेशियर टूटने की घटना का सामना करना पड़ा था. उस समय दोनों देशों के बीच समय पर शुरुआती चेतावनी संबंधी सूचना साझा करने की आवश्यकता को पहचाना गया था.
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