Cuba Blackout: सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बिजली संकट की बड़ी वजह अमेरिका के कड़े प्रतिबंध हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वहां से क्यूबा जाने वाले तेल के जहाजों को रोक दिया है. क्यूबा को अपनी बिजली जरूरतों के लिए हर दिन करीब 1,00,000 बैरल तेल चाहिए होता है, लेकिन वह खुद केवल 40% ही पैदा कर पाता है. पिछले तीन महीनों से वहां तेल की कोई खेप नहीं पहुंची है, जिससे पावर प्लांट ठप पड़ गए हैं.
हवाना की सड़कों पर मोबाइल टॉर्च का सहारा
शनिवार रात जब ग्रिड फेल हुआ, तो राजधानी हवाना पूरी तरह अंधेरे में डूब गई. लोग सड़कों पर मोबाइल की लाइट और फ्लैशलाइट के सहारे चलते दिखे. वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, क्यूबा के सरकारी बिजली विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पीक आवर्स के दौरान 1,704 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है. हालात इतने खराब हैं कि हवाना में 15 घंटे और ग्रामीण इलाकों में 40 घंटे से ज्यादा की कटौती हो रही है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- क्यूबा को अपने कंट्रोल में लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी
डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए क्यूबा को लेकर तीखे तेवर दिखाए. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि क्यूबा को किसी न किसी रूप में अपने कंट्रोल में लेना मेरे लिए सम्मान की बात होगी. मैं इसे आजाद करूं या इस पर कब्जा करूं, मैं जो चाहूं वो कर सकता हूं. वे इस वक्त बहुत कमजोर राष्ट्र हैं. इसके जवाब में क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कानेल ने कहा कि अमेरिका दशकों से आर्थिक दबाव बनाकर क्यूबा की व्यवस्था को गिराना चाहता है. उन्होंने इसे पूरी जनता को दी जाने वाली सामूहिक सजा बताया.
40 साल से भी ज्यादा पुराने थर्मल प्लांट्स पर टिका है क्यूबा का पावर सिस्टम
क्यूबा का पावर सिस्टम 40 साल से भी ज्यादा पुराने थर्मल प्लांट्स पर टिका है, जो बार-बार खराब हो रहे हैं. इस बार भी एक यूनिट के खराब होने से पूरा ग्रिड ताश के पत्तों की तरह ढह गया. अधिकारियों का कहना है कि वे अस्पतालों और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी जरूरी जगहों के लिए माइक्रो-ग्रिड एक्टिव कर रहे हैं. एएफपी से बात करते हुए स्थानीय नागरिकों ने अपना दर्द बयां किया. 64 साल की ओफेलिया ओलिवा ने कहा कि यह सब अब बर्दाश्त के बाहर होता जा रहा है.
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क्यूबा ने अमेरिका से बातचीत के संकेत भी दिए हैं
तनाव के बीच क्यूबा ने अमेरिका से बातचीत के संकेत भी दिए हैं. वॉशिंगटन में क्यूबा के डिप्टी चीफ डेनिएरिस डिएगुएज़ ने कहा कि वे निवेश और बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अपने राजनीतिक सिस्टम पर कोई समझौता नहीं करेंगे. दूसरी तरफ, क्यूबा सरकार ने हवाना में अमेरिकी दूतावास की उस मांग को “बेशर्मी” बताया जिसमें उन्होंने अपने जेनरेटरों के लिए डीजल आयात करने की अनुमति मांगी थी. अधिकारियों ने कहा कि जब अमेरिका ने खुद तेल की सप्लाई रोकी है, तो ऐसी मांग करना गलत है.
बिजली के साथ-साथ खाना और दवाओं की कमी से लोग परेशान हैं. पिछले हफ्ते कम्युनिस्ट पार्टी के एक ऑफिस में तोड़फोड़ की खबरें भी आईं. इसके बावजूद, लोग किसी तरह गुजारा कर रहे हैं. दुकानदार मेइवेन रोड्रिग्ज ने बताया कि वह मोबाइल की रोशनी में ही अपना काम जारी रखे हुए हैं ताकि घर में कुछ पैसे ले जा सकें. फिलहाल रूस से तेल आने की चर्चाएं तो हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस मदद जमीन पर नहीं पहुंची है.
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