Sinovac COVID19 Vaccine विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चीन में तैयार किए गए कोविड-19 वैक्सीन सिनोवैक को लेकर बड़ी बात कही है. डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों ने सलाह देते हुए कहा कि 60 साल के अधिक आयु वर्ग के लोगों को सिनोवैक वैक्सीन की तीसरी खुराक दी जानी चाहिए. न्यूज एजेंसी एएफपी ने इसकी जानकारी दी है.
डब्ल्यूएचओ के वैक्सीन सलाहकारों ने सोमवार को 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की तीसरी खुराक प्रदान करने की सिफारिश की है, जो चीनी सिनोवैक और सिनोफार्म टीके से पूरी तरह से प्रतिरक्षित थे. विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन ने कहा है कि सिनोवैक और सिनोफार्मा निष्क्रिय टीकों के लिए हमें 60 वर्ष की आयु के लोगों को एलोजेनिक वैक्सीन की एक अतिरिक्त यानि तीसरी खुराक प्रदान करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि इस पर उपलब्धता के आधार पर विचार किया जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों मलेशिया में होनेवाले बड़े पैमाने पर रिसर्च में यह खुलासा किया गया था कि चीनी कंपनी सिनोवाक की बनाई कोविड-19 वैक्सीन गंभीर बीमारी के खिलाफ बेहद प्रभावी है. हालांकि, दूसरी कंपनियों ने भी जैसे फाइजर-बायोएनटेक और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन ने बेहतर सुरक्षा दर दिखाई है. मलेशिया की सरकार की तरफ से आयोजित रिसर्च में 72 लाख लोगों के डेटा को देखा गया. उन्होंने सिनोवाक की वैक्सीन से टीकाकरण करवाया था.
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, 72 लाख में से मात्र 0.011 फीसद को कोविड-19 का संक्रमण होने पर आईसीयू में इलाज कराने की जरूरत पड़ी. उसके विपरीत दूसरी कंपनियों की वैक्सीन और सिनोवाक की वैक्सीन के असर को जांचा गया. 65 लाख ने फाइजर-बायोएनटेक और 7 लाख 44 हजार लोगों ने एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन का इस्तेमाल किया. सिनोवैक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक स्टैंडर्ड रेफ्रिजरेटर में दो-आठ डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया जा सकता है.
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