कोरोना का कहर : चीन में अबतक 3,158 लोगों की मौत, इटली में 631 मरे

चीन में coronavirus से 22 और लोगों की मौत के साथ ही देश में मृतकों का आंकड़ा 3,158 पर पहुंच गया है. इस बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सर्वाधिक प्रभावित वुहान शहर का पहला दौरा किया और घातक महामारी के खिलाफ युद्ध स्तर पर लड़ाई के लिए अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों की प्रशंसा की.

वुहान (चीन) : चीन में कोरोना वायरस से 22 और लोगों की मौत के साथ ही देश में मृतकों का आंकड़ा 3,158 पर पहुंच गया है. इस बीच, स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सर्वाधिक प्रभावित वुहान शहर का पहला दौरा किया और घातक महामारी के खिलाफ युद्ध स्तर पर लड़ाई के लिए अधिकारियों और चिकित्सा कर्मियों की प्रशंसा की.

उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में लाने में शुरुआती सफलता मिल गयी है. रोम से मिली खबर के अनुसार कोरोना वायरस के कारण इटली में 631 लोगों की मौत हो जाने के बीच देश में आने-जाने पर लगी रोक बुधवार को भी लगातार दूसरे दिन जारी रही. चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने बताया कि मंगलवार को मुख्य भूभाग चीन से कोरोना वायरस के 24 नये मामले और 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आयी. चीन में मंगलवार तक कुल 80,778 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई. इनमें पिछले तीन महीनों में बीमारी के कारण मरने वाले 3,158 लोग, इलाज करा रहे 16,145 लोग और सेहत में सुधार के बाद अस्पताल से छोड़े गये 61,475 लोग शामिल हैं.

कोविड-19 का प्रकोप धीरे-धीरे चीन में कम हो रहा है लेकिन यहां अब बाहर से आने वाले मामलों की संख्या बढ़ रही है जहां विदेशी और स्थानीय लोगों ने बीजिंग तथा अन्य शहरों में काम पर लौटना शुरू कर दिया है. मंगलवार को ही संक्रमण के 10 ऐसे नये मामले सामने आये जो विदेश से आये हैं. इनमें से छह बीजिंग से, दो शंघाई से और एक-एक मामला शानदोंग और गांसू प्रांत से सामने आये. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार तक विदेशों से संक्रमण लेकर आने वाले 79 मामले सामने आये. अमेरिका ने इस बीमारी से निपटने के लिए पहली बार नेशनल गार्ड को तैनात किया है.

अमेरिका में राजनीति समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के बीच देश में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने के दावेदारों बर्नी सैंडर्स और जो बाइडेन ने अपनी चुनाव प्रचार रैलियां रद्द कर दी हैं. ‘जान्स हाप्किन्स यूनिवर्सिटी’ के आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में इस बीमारी से अब तक कम से कम 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,025 लोग संक्रमित पाये गये हैं, जबकि इससे एक दिन पहले यह संख्या 550 थी. ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग की मंत्री नडीने डोरिस के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

डोरिस ब्रिटेन की पहली नेता हैं जो कोविड-19 से संक्रमित पायी गयी हैं. द टाइम्स की खबर के मुताबिक, वह प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत सैकड़ों लोगों के संपर्क में रही थीं. इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते ने अपने देश के नागरिकों से कहा है कि वे किसी अत्यावश्यक कार्य या स्वास्थ्य कारणों से ही यात्रा करें. इस घोषणा के बीच पोप फ्रांसिस ने एक जनसभा आयोजित करके पादरियों से बीमारों से मिलने की अपील की जबकि कोंते इसे हतोत्साहित करते हैं. खेल आयोजनों पर भी इस वायरस का असर पड़ा और प्राधिकारियों ने लोगों से भीड़ से बचने की अपील की। कोरोना वायरस के कारण इटली में सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के जुटने और यात्रा पाबंदी लागू करने के बाद एयर कनाडा ने इटली की नियमित उड़ानें निलंबित कर दी हैं. इस संक्रमण के कारण तोक्यो में 24 जुलाई से आरंभ होने वाली ओलंपिक खेलों को लेकर भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गयी है.

कोरोना वायरस का वैश्विक बाजार पर भी प्रभाव पड़ा हैं. न्यूयार्क में डाउ जोन्स सूचकांक ने इस सप्ताह की शुरुआत में पिछले 11 साल के सबसे खराब सत्र के बाद मंगलवार को वापसी की. एशियाई शेयर बाजारों में भी मंगलवार को तेजी देखने को मिली. इससे एक दिन पहले कोरोना वायरस को लेकर आशंकाओं के चलते वैश्विक बाजारों में एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट हुई थी. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित वुहान पहुंचने की खबर के बाद बाजार की धारणा सकारात्मक हुई. इससे यह उम्मीद जगी कि चीन में हालात जल्द पटरी पर आ जायेंगे. इस बीच पूर्वी कम्बोडिया में पास एक क्रूज जहाज पर एक ब्रितानी नागरिक के कोरोना वायरस से पीड़ित पाए जाने पर इसमें सवार सैंकड़ों यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को पृथक रखा गया है.

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Author: Rajneesh Anand

Published by: Prabhat Khabar

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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