China Summer Camp : ताइवान के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता ली मिंग-चे ने दावा किया है कि चीन में एक एक्सचेंज कैंप का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें छात्रों को ब्लैकमेल करने के लिए चीन एआई डीपफेक का प्रयोग कर सकता है.
चीन के द्वारा आयोजित समर कैंप की हकीकत
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ताइवान के छात्रों के लिए एक कम लागत वाले समर कैंप का आयोजन करने जा वाला है. इस कैंप में यात्रा, खाना और होटल सभी के लागत मूल्य कम रखे गए हैं, ताकि लोगों को ज्यादा संख्या में आकर्षित किया जा सके.
प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए ले रहा निजी जानकारियां
मानवाधिकार कार्यकर्ता ली मिंग-चे ने कहा कि इस कैंप का मुख्य प्रयोजन कल्चरल एक्सचेंज नहीं बल्कि ताइवान के यूथ को चीन के प्रति आकर्षित करना है. इसका उद्देश्य है कि युवा खुद को चीन से अधिक जुड़ा हुआ महसूस करें. ली मिंग ने यह भी कहा कि छात्रों से उनके मोबाइल नंबर और अन्य पर्सनल जानकारियां भी ली गई हैं, ताकि उन्हें आगे चलकर चाइनीज प्रोपेगैंडा वाले वीडियो और खबरें भेजी जा सकें.
छात्रों के बनाए जा सकते हैं गलत वीडियोज
ली ने वॉर्निंग दी है कि सबसे बड़ी चिंता छात्रों को ब्लैकमेल करने और उनपर प्रेसर बनाने की है. उनका कहना है कि एआई डीपफेक के जरिए छात्रों की आपत्तिजनक वीडियो बनाई जा सकती है या उन्हें गलत जगह पर दिखाया जा सकता है. फिर जब छात्र ताइवान लौट जाएंगे तो उन्हें इन्हीं वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया जाएगा और जबरन चीन के पक्ष में काम कराया जाएगा. इससे ताइवान पर कब्जा करने के इरादे में चीन एक कदम और आगे बढ़ सकेगा.
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5 साल चीन की जेल में रहे ली मिंग
रिपोर्ट में बताया गया है कि ली मिंग-चे ने 5 साल चीन की जेल में बिताए हैं. इसके बाद वे 2022 में ताइवान वापस लौटे. उन्होंने कहा कि चीन द्वारा ऑर्गेनाइज किए जा रहे ये समर कैंप चीन का राजनीतिक इंफ्लुएंस का तरीका मात्र है.
