बोर्ड ऑफ पीस के मंच पर ट्रंप के कान में फुसफुसाए शहबाज, उंगली दिखाकर किसकी ओर किया इशारा?

Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में स्थायी शांति स्थापित करने और वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए शांति बोर्ड का गुरुवार को स्विट्जरलैंड के दावोस में लॉन्च किया. इस मौके पर पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी मौजूद थे. उन्होंने अमेरिका से नजदीकियां बढ़ाने के इस मौके का पूरा फायदा उठाया. ट्रंप के कान में शहबाज फुसफुसाते भी नजर आए.

Board of Peace: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जंग सुलझाने के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस लॉन्च कर दिया है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने पीस बोर्ड के फाउंडिंग चार्टर पर गुरुवार को साइन किए. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत अन्य सदस्यों ने भी स्विट्जरलैंड के दावोस में बोर्ड ऑफ पीस चार्टर पर हस्ताक्षर किए. जिस समय ट्रंप और शहबाज मंच पर बैठे थे उस दौरान एक वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. वीडियो में शहबाज ट्रंप के कान में कुछ फुसफुसाते नजर आए. साफ दिख रहा है कि मौका मिलते ही शहबाज ने अमेरिका से नजदीकियां बढ़ाने का मौका नहीं छोड़ा. इस दौरान ट्रंप ने भी

शहबाज ने उंगली से किया इशारा तो ट्रंप ने हिलाया हाथ

स्टेज पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को अपनी उंगली से ऑडियंस की तरफ इशारा किया. खबर है कि शहबाज ऑडियंस में बैठे मुनीर की तरफ इशारा कर रहे थे. शहबाज के इशारे के बाद ट्रंप ने भी हाथ हिलाकर हैलो कहा.

कई देशों ने किया साइन

पीस बोर्ड को लॉन्च करते समय ट्रंप ने कहा कि इसका शुरुआती मकसद गाजा में युद्ध विराम को और मजबूत करना है. साइन सेरेमनी के दौरान 20 से ज्यादा देशों ने इस चार्टर पर साइन किए. शांति बोर्ड में शामिल होने वाले देशों में अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाकिस्तान, मोरक्को, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात(UAE), सऊदी अरब और वियतनाम शामिल हैं. जबकि, जर्मनी, इटली, पैराग्वे, रूस, स्लोवेनिया, तुर्किये और यूक्रेन सहित कई देशों ने निमंत्रण के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है. वहीं, भारत, फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी समेत कई और देश लॉन्चिंग के समय समारोह में शामिल नहीं हुए.

भारत समेत 60 देशों को ट्रंप ने भेजा था निमंत्रण!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल सितंबर महीने में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए शांति बोर्ड का प्रस्ताव रखा था. 22 जनवरी 2026 को ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस स्थित पहाड़ी रिसॉर्ट में आयोजित वार्षिक विश्व आर्थिक मंच(WEF) से अलग इस समारोह की मेजबानी की. ट्रंप ने अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह बोर्ड दुनिया के लिए एक बेहद अनोखी पहल है. उन्होंने बोर्ड के घोषणापत्र पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित समारोह में कहा- यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर न केवल पश्चिम एशिया में, बल्कि अन्य जगहों पर भी युद्धों को सुलझाने में मदद कर सकता है.

भारत शांति बोर्ड में नहीं हुआ शामिल

ट्रंप की बनाई शांति बोर्ड के लॉन्चिंग के मौके में भारत शामिल नहीं हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन कई वैश्विक नेताओं में शामिल थे जिन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में इजराइल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते के दूसरे चरण के तहत घोषित बोर्ड में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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