Bangladesh Plane Crash : बजने वाली थी स्कूल से छुट्टी की घंटी, बज गई मौत की घंटी

Bangladesh Plane Crash : चीनी निर्मित एफ-7बीजीआई प्रशिक्षण लड़ाकू विमान ने दोपहर 1:06 बजे ढाका से उड़ान भरी. इसके सिर्फ 12 मिनट बाद दोपहर 1:18 बजे जाकर स्कूल की इमारत से टकरा गया. पढ़कर आगे बढ़ ने का सपना देखने वालों बच्चों की भी जान हादसे में चली गई. पूरे देश के लोग हादसे के बाद गम में हैं.

Bangladesh Plane Crash : सोमवार को पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर उस वक्त दौड़ गई, जब एयरफोर्स का एफ-7बीजीआई फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण उत्तरा के दिआबारी में मिलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज पर गिर गया. इस दर्दनाक हादसे में कई स्कूली बच्चों की जान चली गई. बच्चे सपनों के साथ स्कूल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी दिन होगा. पूरे देश में गम और आंसुओं का माहौल छा गया. स्कूल का दिन एक सामान्य तरीके से चल रहा था, लेकिन वह पल अचानक भयानक त्रासदी में बदल गया. कुछ ही क्षणों में कक्षाओं में आग, घना धुआं और बच्चों की चीख-पुकार फैल गई. निचली कक्षाओं के कई छात्रों ने उस क्षण को जागती आंखों का एक डरावना सपना बताया, जिसे वे कभी भूल नहीं पाएंगे.

भीषण विस्फोट ने पूरे स्कूल परिसर को हिला दिया

सोमवार की सुबह बच्चों के लिए कुछ अलग नहीं थी. बच्चे अपनी कक्षाओं में शांत बैठे थे, किताबों में डूबे हुए, और उनके माता-पिता उनके लौटने का इंतज़ार कर रहे थे. लेकिन 21 जुलाई को बच्चों के लिए अंतिम घंटी नहीं बजी. क्लास खत्म होने में बस दस मिनट बाकी थे, तभी भीषण विस्फोट ने पूरे स्कूल परिसर को हिला कर रख दिया. लड़ाकू विमान सीधे उस इमारत से टकराया जिसे छात्र “प्रोजेक्ट-2” बिल्डिंग कहते थे. यह दो-मंज़िला भवन था, जिसमें 16 क्लासरूम और 4 शिक्षकों के कमरे थे.

सब राख में बदल गया एक ही पल में

जब विमान टकराया, तब तीसरी और चौथी कक्षा के छात्र पढ़ाई कर रहे थे. चश्मदीदों ने बताया कि आसमान धुएं और आग की लपटों से भर गया. फिर ऐसा भीषण धमाका हुआ जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए, और कई शरीर झुलस गए, अंग बिखर गए. कई छात्र घर लौटने की तैयारी कर रहे थे. कोई बैग समेट रहा था, तो कोई खिड़की के पास बैठकर विश्वविद्यालय और माता-पिता के सपने को सच करने का सपना देख रहा था. लेकिन अगले ही पल, सब राख में बदल गया.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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