Balendra Shah: नेपाल में इतिहास रचते हुए बालेंद्र शाह यानी बालेन ने 35 साल की उम्र में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. बालेन ‘जेन जेड’ आंदोलन का प्रतीक हैं और मधेस क्षेत्र से देश के 47वें प्रधानमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति भी हैं. उन्होंने रैपर और इंजीनियर से राजनीति की दुनिया में कदम रखा और अब नेपाल की युवा राजनीति का नया चेहरा बन गए हैं
बालेन की राजनीतिक यात्रा
बालेन ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार प्रधानमंत्री रह चुके के.पी. शर्मा ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया. 2022 में उन्होंने काठमांडू महापौर के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी. महापौर के रूप में उन्हें शहर में सुधार और सौंदर्यीकरण के कामों के लिए जाना गया.
पिछले साल सितंबर में ओली नीत गठबंधन सरकार गिर गई थी. इसके बाद ‘जेन जेड’ पीढ़ी ने बालेन को अंतरिम सरकार का लोकप्रिय उम्मीदवार माना, लेकिन उन्होंने संसदीय चुनाव में भाग लेकर पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार चलाना पसंद किया. जनवरी में बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) में शामिल हुए और जल्दी ही पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया.
बालेन का शैक्षिक और व्यक्तिगत जीवन
बालेंद्र शाह काठमांडू में जन्मे थे. उनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेद चिकित्सक और माता ध्रुवदेवी शाह गृहिणी हैं. बालेन बचपन से संगीत और कविता में रुचि रखते थे और शिक्षा के दौरान रैप संगीत की ओर रुख किया.
उन्होंने काठमांडू से सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री पूरी की और फिर कर्नाटक के विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की. 2018 में उन्होंने सबिना काफले से शादी की और दंपति की एक बेटी है.
बालेन का डिजिटल प्रभाव
बालेंद्र शाह का यूट्यूब चैनल काफी लोकप्रिय है और उनके 10 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं. सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और जनता के साथ जुड़ाव ने उन्हें युवा पीढ़ी के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाया.
