वॉशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन में तनाव घटाने के लिए अपने रुसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की और उनसे अपनी फौजें क्रीमिया के शिविरों में वापस बुलाने को कहा.व्हाइट हाउस से कल जारी एक बयान में कहा गया है ‘‘अमेरिका ने रुस से उसकी फौजें वापस क्रीमिया के शिविरों में बुलाने तथा यूक्रेन में कहीं भी किसी भी तरह के हस्तक्षेप से बचने को कहा ताकि वहां व्याप्त तनाव कम हो सके.’’ बयान में कहा गया है ‘‘ओबामा ने पुतिन से कहा कि अगर रुस को यूक्रेन में बसे मूल निवासी रुसियों और अल्पसंख्यकों की चिंता है तो उनकी समस्याओं का समाधान यूक्रेन की सरकार के साथ बातचीत कर तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद या ‘ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कोऑपरेशन इन यूरोप’ :ओएससीई: के निगरानी में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को वहां भेज कर वहां की सरकार से बातचीत कर शांतिपूर्वक करना ज्यादा बेहतर होगा.’’
इस बयान में कहा गया है कि अमेरिका इसमें भागीदारी के लिए तैयार है. व्हाइट हाउस के अनुसार, ओबामा ने पुतिन से 90 मिनट बात की जिसमें ‘‘राष्ट्रपति ने यूक्रेन की संप्रभुता और भूभागीय अखंडता का रुस द्वारा साफ उल्लंघन किए जाने को लेकर गहरी चिंता जाहिर की.’’ओबामा ने पुतिन से कहा कि उनकी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र घोषणापत्र के तहत रुस की प्रतिबद्धताओं और 1997 में यूक्रेन के साथ हुए उसके सैन्य शिविर संबंधी करार सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. व्हाइट हाउस ने कहा ‘‘हम लगातार कहते रहे हैं कि हम यूक्रेन के साथ रुस के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को तथा यूक्रेन में रह रहे मूल निवासी रुसियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की जरुरत को समझते हैं.’’ बयान में कहा गया है ‘‘यूक्रेन सरकार ने सभी यूक्रेनवासियों के अधिकारों की रक्षा करने और यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करने का संकल्प साफ तौर पर जाहिर किया है और हम उनसे ऐसा करने का आग्रह करते रहेंगे.’’
व्हाइट हाउस ने कहा है ‘‘आने वाले दिनों में अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, नॉर्थ अटलांटिक काउंसिल, द ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंउ कोऑपरेशन इन यूरोप के सदस्य देशों, बुडापेस्ट सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों और अपने सहयोगियों के साथ यथाशीघ्र विचारविमर्श करेगा.’’ बयान में कहा गया है ‘‘अमेरिका जी.8 की तैयारियों के लिए होने जा रही बैठकों में शामिल होने से बचेगा. अंतरराष्ट्रीय कानून का लगातार उल्लंघन करने से रुस को राजनीतिक और आर्थिक अलगाव का सामना करना पड़ेगा.’’ व्हाइट हाउस ने कहा कि ओबामा ने प्रशासन को आदेश दिया है कि वह यूक्रेन सरकार को तत्काल तकनीकी और वित्तीय सहयोग सहित अन्य प्रकार का सहयोग मुहैया कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय ‘‘भागीदारों’’ के साथ लगातार काम करे.
