न्यूयॉर्क : भारतीय मूल की एक वकील को न्यूयॉर्क के मेयर बिल डी ब्लेसियो ने अपने कार्यालय में आव्रजन मामलों का प्रमुख नियुक्त किया है. उन पर शहरी प्रशासन के आव्रजन एजेंडा की देखरेख करने और प्रवासियों के मालिकाना हक वाले उद्योगों तक पहुंच सुधारने की जिम्मेदारी होगी.
भारतीय प्रवासी की बेटी और हॉवर्ड लॉ स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर चुकी निशा अग्रवाल न्यूयॉर्क के मेयर कार्यालय में आव्रजन मामलों की कमिश्नर होंगी.नियुक्ति की घोषणा करते हुए डी ब्लेसियो ने कहा कि अग्रवाल में सामाजिक न्याय के प्रति जुनून है. उन्होंने यह गुण अपने भारतीय माता-पिता से सीखा है. इस गुण का विकास ‘‘महात्मा गांधी के नेतृत्व वाले भारतीय स्वतंत्रता के लिए किए गए अहिंसक संघर्ष में उनके दादा की भूमिका की कहानियां’’ सुनकर हुआ.
डी ब्लेसियो ने कहा, ‘‘इसलिए यह कहना सही होगा कि निशा ने अपने शुरुआती जीवन से असाधारण प्रेरणा ली.’’उन्होंने यह भी कहा कि अग्रवाल प्रवासी समुदायों में शहर के अग्रणी वकीलों में से एक बन गई हैं और वे अधिकांश वंचित लोगों के लिए काम करने के लिए अपनी पूरी क्षमताएं लगा देती हैं.अग्रवाल जनहित में काम करने वाली वकील हैं और स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर आव्रजन सुधार के लिए एक मुखर आवाज बनी हैं.
अग्रवाल ने कहा, ‘‘यह काम मेरे वास्तविक व्यक्तित्व का अंश है. यह उन्हीं मूल्यों से जुड़ा है, जो मुझे एक बच्चे के रुप में मुझे सिखाए गए हैं.’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ये सबक सीखे हैं कि प्रगतिशील मूल्यों के लिए आवाज उठाने के बेहतर अवसरों के लिए अंदर आग होना सार्वभौमिक है. यह वही आग है जो मेरे दादा में थी जब वे भारत में आजादी के लिए महात्मा गांधी के साथ चल रहे थे. यह आग मेरे माता-पिता के अमेरिका आ जाने पर उनके साथ आई है.’’
