वाशिंगटन : भारत के राजदूत एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों में कोई बड़ी समस्या नहीं है जिसे सुलझाया जाय इसलिए हमारे रिश्ते सामान्य स्थिति की चुनौतियों का सामना करने में व्यस्त हैं.
जयशंकर ने कल शिकागो कौंसिल ऑन ग्लोबल अफेयर्स को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ वास्तविकता यह है कि भारत और अमेरिका के संबंध सामान्य स्थिति की चुनौतियों से निपटने में व्यस्त हैं. हमारे संबंधों में कोई बड़ी समस्या नहीं है जिसे सुलझाया जाए और न ही कोई बड़ा संकट है जिससे निपटा जाए.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए उस दौर में , जहां समाचारों का चक्र संबंधों का पैमाना बन जाता है, इसके कारण संबंध राजनीति से जुड़े लोगों , बाजार का तत्काल विश्लेषण करने वालों और सामाजिक मीडिया पर निर्भर हो गए हैं.’’जयशंकर ने कहा, ‘‘क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय संबंधों की स्थिति के मध्यस्थ बन गए है, जीवन को स्पष्ट रुप से चरम परिणामों से परिभाषित किया जाता है. हमारे संबंध अच्छे या बुरे, इस समय मध्य में हैं.’’
जयशंकर ने कहा कि पिछले दो महीनों में न्यूयार्क एक भारतीय राजनयिक की खबर, भारत की विमानन सुरक्षा स्थिति में गिरावट, दवा उद्योग पर हमले, भारत के सौर उद्योग के खिलाफ अमेरिका द्वारा डब्ल्यूटीओ में शिकायत करने और भारत में बाजार पर पहुंच को लेकर कांग्रेस में सुनवाई की खबरें शीर्ष पांच समाचारों में शामिल रही हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा यह कहना नहीं है कि ये मामले महत्वपूर्ण नहीं है. बल्कि हर समाचार केवल महत्वपूर्ण ही नहीं है अपितु संबंधों के लिए सबक भी है. लेकिन मेरा यह कहना है कि ऐसे समाचार हमारे संबंधों की समग्रता का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.’’
