वाशिंगटन : मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर एक अमेरिकी रिपोर्ट में जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवादियों और मध्य भारत में नक्सली गुटों की आलोचना की गयी है.
वर्ष 2013 के लिए मानवाधिकार पर एक वार्षिक रिपोर्ट में विदेश विभाग ने कहा है, ‘‘जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों तथा नक्सली क्षेत्रों में अलगाववादी उग्रवादियों तथा आतंकियों ने निर्वाचित राजनीतिक नेताओं, सैन्य बल कर्मियों, पुलिस, सरकारी अधिकारी तथा नागरिकों की हत्याओं के साथ ही विभिन्न तरह के मानवाधिकार उल्लंघन किये.’’
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी की ओर से कल जारी रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘अपहरण, यातना, बलात्कार, फिरौती और बाल सैनिकों के विभिन्न मामलों के लिए उग्रवादी जिम्मेदार थे.’’रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर, पूर्वोत्तर के राज्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संघर्ष की वजह से आतंरिक विस्थापन निगरानी केंद्र के अनुमान के मुताबिक 540,000 व्यक्ति विस्थापित हुए.
इसके मुताबिक, अलगाववादियों की हिंसा और संघर्ष की वजह से 1990 के बाद से कश्मीर घाटी से हजारों कश्मीरी पंडितों :हिंदुओं: को जम्मू, दिल्ली तथा देश के अन्य हिस्से में जाना पड़ा.भारत के गृह मंत्रालय 2012-13 सालाना रिपोर्ट के अनुसार, 59,442 कश्मीरी पंडितों के परिवार अभी भी अपने घरों से विस्थापित हैं.
