भारत में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर चिंता : अमेरिका

वॉशिंगटन : भारत में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अमेरिका द्वारा लगातार चिंता जताए जाने की बात कहते हुए ओबामा प्रशासन ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों तथा इनमें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित भूमिका को लेकर उसका रवैया नर्म हो गया है. विदेश […]

वॉशिंगटन : भारत में सांप्रदायिक हिंसा को लेकर अमेरिका द्वारा लगातार चिंता जताए जाने की बात कहते हुए ओबामा प्रशासन ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों तथा इनमें मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की कथित भूमिका को लेकर उसका रवैया नर्म हो गया है.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन साकी ने कल संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरे विचार से भारत में सांप्रदायिक हिंसा के कई मामलों को लेकर हमारा रुख बिल्कुल साफ है और अगर आप इसकी समीक्षा करेंगे तो यह आपके सामने स्पष्ट भी हो जाएगा.’’ जेन साकी से मानवाधिकारों पर सालाना रिपोर्ट ‘‘कंटरी रिपोर्ट्स ऑन ह्यूमन राइट्स प्रैक्टिसेज’’ को लेकर सवाल पूछा गया था. यह नवीनतम रिपोर्ट हाल ही में विदेश मंत्री जॉन केरी ने रिलीज की है.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता से पूछा गया था ‘‘भारत में मानवाधिकारों पर पिछली रिपोर्ट्स में मोदी के नाम का जिक्र था और इस रिपोर्ट में उनका जिक्र :क्यों: नहीं है.’’साकी ने कहा कि करीब एक दशक पहले गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों पर अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.वर्ष 2011 और 2012 की सालाना रिपोर्ट में मोदी का जिक्र था लेकिन सांप्रदायिक दंगे में उनकी भूमिका के बारे में नहीं कहा गया था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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