येरुशलम : अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस्राइल ने ‘‘मानव जीवन के प्रति भारी अपमान’’ दर्शाते हुए पिछले तीन साल में पश्चिमी तट पर दर्जनों फलस्तीनी नागरिकों की हत्या की है.इस बात पर प्रतिक्रिया जताते हुए इस्राइल ने कहा है कि लंदन के मानवाधिकार समूह ने पिछले साल इस्राइल के सुरक्षा बलों पर हमलों की संख्या में हुई वृद्धि को ध्यान में नहीं रखा है और प्रकाशन की शाम तक इस पर टिप्पणी नहीं ली.
‘ट्रिगर-हैप्पी: इस्राइल्स यूज ऑॅफ एक्सेसिव फोर्स इन द वेस्ट बैंक’’ नाम इस रिपोर्ट में ऐसे 45 फलस्तीनियों की हत्या और हजारों को घायल करने के दस्तावेज हैं, ‘‘जो किसी के जीवन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर खतरा प्रतीत नहीं होते थे.’’‘‘यह वेस्ट बैंक में इस्राइली बलों द्वारा फलस्तीनी नागरिकों की अवैध हत्याएं व अवांछित रुप से उन्हें घायल करने का भयावह स्वरुप दर्शाता है.’’
यह रिपोर्ट इस्राइल को ‘‘युद्ध अपराधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के अन्य गंभीर उल्लंघनों का आरोपी बताती है.’’एमनेस्टी ने कहा कि 1967 में वेस्ट बैंक, पूर्वी यूरुशलम और गाजा पर कब्जा करने के बाद से ‘‘इस्राइली प्रशासन इन कथित अपराधों की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरुप स्वतंत्र जांच कराने में विफल रहा है.’’
समूह ने इस्राइल से कहा कि वह ‘‘इस्राइली बलों की गतिविधियों के कारण फलस्तीनी नागरिकों की हत्याओं और उन्हें गंभीर रुप से घायल करने के मामलों की स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी जांच कराए.’’इसके अलावा समूह ने अमेरिका, यूरोपीय संघ व बाकी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्राइल को युद्ध सामग्री, हथियार या अन्य उपकरण देने की प्रक्रिया को निलंबित करने को कहा.’’
