न्यूयार्क:एक भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक की फर्म स्वास्थ्य संबंधी कई जांचों का नकली बिल बनाने के आरोपों को निपटाने के लिए संघीय सरकार को एक करोड़ 50 लाख डॉलर देगी.
डायग्नोस्टिक इमेजिंग ग्रुप :डीआईजी: आरोपों को निपटाने के लिए सरकार को 1,36,50,000 डॉलर तथा न्यूयार्क और न्यू जर्सी को अतिरिक्त 18,50,000 डॉलर का भुगतान करने पर सहमत हो गई है.
मुंबई की मूल निवासी लीना दोषी ने 1985 में डीआईजी की स्थापना की थी. डीआईजी पर आरोप है कि उसने उन चिकित्सकीय जांचों का नकली बिल तैयार किया जो कभी की ही नहीं गई थी.
न्यूयार्क के अटार्नी जनरल एरिक शनीडरमन ने एक बयान में कहा, ‘‘ चिकित्सकीय फर्मों द्वारा की गई धोखाधड़ी के कारण न्यूयार्क के करदाताओं को हर वर्ष लाखों डॉलर का नुकसान होता है. मैं उन्हें खोजूंगा जो प्रणाली ,न्यूयार्क के करदाताओं और हमारे मरीजों को धोखा देते हैं.’’उन्होंने कहा, ‘‘ अन्य प्रकार की धोखाधड़ी करने के अलावा इन कंपनियों पर रिश्वत देने का भी संदेह है. यह अवैध गतिविधि रकनी चाहिए और यह रकेगी.’’
