पीएनजी आव्रजन केंद्र में हुए दंगे में एक की मौत, 77 घायल

सिडनी: पापुआ न्यू गिनी के मैनस द्वीप में एक ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन हिरासत केंद्र दूसरी रात भी हुए दंगे में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अधिकारियों ने आज बताया कि दंगे में 77 अन्य लोग घायल हो गए. रविवार की शाम इसी जगह से शरण मांगने वाले 35 लोग भाग गए और कई घायल हो […]

सिडनी: पापुआ न्यू गिनी के मैनस द्वीप में एक ऑस्ट्रेलियाई आव्रजन हिरासत केंद्र दूसरी रात भी हुए दंगे में एक व्यक्ति की मौत हो गई. अधिकारियों ने आज बताया कि दंगे में 77 अन्य लोग घायल हो गए. रविवार की शाम इसी जगह से शरण मांगने वाले 35 लोग भाग गए और कई घायल हो गए थे. यहां ऑस्ट्रेलिया सरकार की कठोर नीतियों के कारण अपने भविष्य को लेकर शरणार्थियों के बीच तनाव है.

आव्रजन मंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बताया, ‘‘मृत्यु की खबर दुखद है.’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक त्रसदी है लेकिन साथ ही यह एक खतरनाक स्थिति भी है जहां लोगों ने बेहद हिंसक तरीके से प्रदर्शन करने और केंद्र से स्वयं को बाहर करने का निर्णय किया. साथ ही उन्होंने स्वयं को जोखिम में भी डाला.’’77 घायलों में से एक की खोपड़ी :सिर: की हड्डी टूट गई है और उसकी हालत नाजुक बताई जाती है जबकि एक व्यक्ति के कूल्हे में गोली लगी है.

मॉरिसन ने बताया कि इस अशांति के बावजूद आव्रजन केंद्र को कोई क्षति नहीं पहुंची. मैनस द्वीप उन दो दूरस्थ पैसेफिक खेमों में से एक है जिनका उपयोग कैनबरा की दंडात्मक तटीय हिरासत नीति में होता है. गैरकानूनी तरीके से आने वालों और तस्करों को दूर रखने की योजना के तहत, नौका से शरण लेने के लिए आने वालें या समुद्र में पकड़े गए लोगों को आगे की कार्रवाई के लिए और ऑस्ट्रेलिया से बाहर स्थायी रुप से बसाने के लिए मैनस या नाउरु केंद्र भेजा जाता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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