‘जिनीवा दो’ में भाग लेने का सीरियाई विपक्ष का फैसला सराहनीय:केरी

वॉशिंगटन : अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने जिनीवा द्वितीय सम्मेलन में भाग लेने के सीरिया के विपक्षी नेताओं के फैसले का स्वागत किया है. इस सम्मेलन का उद्देश्य सीरिया में जारी युद्ध समाप्त करना है.सीरिया के विपक्षी नेताओं ने जिनीवा द्वितीय सम्मेलन में भाग लेने का फैसला तुर्की में मतदान के जरिये किया. इसके […]

वॉशिंगटन : अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने जिनीवा द्वितीय सम्मेलन में भाग लेने के सीरिया के विपक्षी नेताओं के फैसले का स्वागत किया है. इस सम्मेलन का उद्देश्य सीरिया में जारी युद्ध समाप्त करना है.सीरिया के विपक्षी नेताओं ने जिनीवा द्वितीय सम्मेलन में भाग लेने का फैसला तुर्की में मतदान के जरिये किया. इसके बाद केरी ने कल जारी एक बयान में कहा ‘‘यह फैसला असद सरकार की क्रूरता और गृह युद्ध से पीड़ित सीरियाई जनता के हित में है.’’

केरी ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की खातिर जिनीवा द्वितीय सम्मेलन में भाग लेने का मतदान के जरिये फैसला विपक्ष द्वारा चुना गया ऐसा रास्ता है जो सभी सीरियाई लोगों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका सीरियाई विपक्ष को समर्थन देता रहेगा क्योंकि उनके सामने बातचीत के जरिये राजनीतिक परिवर्तन का मौका है. जिनीवा संवाद में भी यही बात थी.

केरी खुद सीरिया पर होने जा रही इस अहम बैठक में भाग लेंगे. उन्होंने कहा ‘‘मैं 22 जनवरी को और उसके बाद हर दिन सीरियाई विपक्ष से सीधे बातचीत करुंगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी चर्चा करुंगा.’’ केरी ने कहा ‘‘हम सभी जानते हैं कि आगे की प्रक्रिया आसान नहीं है. लेकिन मैं सीरियाई जनता से साफ कहता हूं. हम हर कदम पर उस राह पर आपके साथ हैं जहां से आप आजादी और सम्मान हासिल करना चाहते हैं क्योंकि यह आपका हक है.’’

इस बीच इस्तांबूल से मिली एएफपी की एक खबर के अनुसार, सीरिया में विपक्ष के प्रमुख नेता अहमद जरबा ने कहा है कि विपक्षी समूह राष्ट्रपति बशर अल असद को सत्ता से हटाना चाहता है इसलिए वह जिनीवा में हो रहे अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन में भाग लेने के लिए सहमत है. जरबा ने कल कहा ‘‘जिनीवा द्वितीय वह रास्ता है जिस पर चल कर हमारी सारी मांगे पूरी हो सकती हैं और सबसे पहली मांग है उनको (असद को) सत्ता से हटाना.’’

बहरहाल, उन्होंने आगाह भी किया कि जिनीवा बैठक में भाग लेने का मतलब यह नहीं है कि विपक्ष और उसकी सशस्त्र शाखा ‘‘फ्री सीरियन आर्मी’’ असद के बलों के खिलाफ सैन्य अभियान रोक देंगे. ‘‘हम जीत हासिल होते तक नहीं रुकेंगे.’’जरबा ने असद और उनकी सरकार पर आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सीरिया में ‘इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक’ और ‘लेवेन्ट’ जैसे अलकायदा से जुड़े लड़ाकों की मौजूदगी के लिए सरकार ही जिम्मेदार है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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