वाशिंगटन : अमेरिका में यूनियनों के सबसे बड़े संघ ने वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को पूर्ण राजनयिक छूट प्रदान किए जाने के विदेश विभाग के फैसले पर निराशा जतायी है. इस छूट के चलते संघीय अभियोजक उनके खिलाफ वीजा जालसाजी आरोपों और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के आरोपों को लेकर मुकदमा नहीं चला सकते. एएफएलसीआईओ के अध्यक्ष रिचर्ड त्रुमका ने हालांकि इस मामले में त्वरित न्याय की दिशा में कार्रवाई करने के लिए न्याय विभाग और विशेषकर अमेरिकी अटार्नी प्रीत भरारा की सराहना की है.
त्रुमका ने एक बयान में कहा, ‘‘ घरेलू कामगारों के अधिकारों की रक्षा करने में काउंसिलर अधिकारी को दोषी ठहराना एक सही कदम है. हालांकि अमेरिकी अटार्नी ने जब आरोप लगाए तो यह खुलासा हुआ कि विदेश विभाग ने हाल ही में खोबरागड़े को राजनयिक छूट प्रदान कर दी है जिससे उन्हें भारत लौटने की अनुमति मिल गयी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हम खोबरागड़े को संयुक्त राष्ट्र में भेजे जाने के विदेश विभाग के फैसले से निराश हैं जो उन्हें पूर्ण राजनयिक छूट प्रदान करता है.’’
