सिंगापुर : सरकार द्वारा नियुक्त की गयी एक समिति अगले महीने से आठ दिसंबर के दंगा मामले की सार्वजनिक सुनवाई शुरु करेगी. इन दंगों को सिंगापुर में पिछले 40 सालों में सर्वाधिक भीषण दंगे माना जा रहा है जिनमें अधिकर दक्षिण एशियाई और विशेषकर भारतीय शामिल थे.
एक भारतीय कामगार के सड़क हादसे में मारे जाने के बाद सिंगापुर के लिटिल इंडिया कहे जाने वाले हिस्से में आठ दिसंबर की रात को दंगे भड़क उठे थे जिनमें कथित रुप से करीब 400 दक्षिण एशियाई कामगार शामिल थे.जांच समिति के सचिवालय ने आज बताया कि वह पांच फरवरी तक उन लोगों से अपना पक्ष रखने या सबूत देने का आग्रह कर रही है जो इसके इच्छुक हैं. सार्वजनिक सुनवाई 19 फरवरी को शुरु होगी. लिटिल इंडिया सिंगापुर का ऐसा इलाका है जहां अधिकतर भारतीय मूल के व्यावसायियों की आबादी है, भारतीय लोगों के रेस्त्रं और पब हैं और जहां दक्षिण एशियाई कामगार अपनी शामें गुजारते हैं.
समिति की नियुक्ति दंगों के बाद 13 दिसंबर 2013 को की गयी थी. उसके बाद से समिति ने 56 भारतीयों में से 20 भारतीयों और एक बांग्लादेशी से पूछताछ की है. अदालत में 25 भारतीय नागरिक दंगा आरोपों का सामना कर रहे हैं. इन दंगों में 39 पुलिसकर्मी और नागरिक रक्षा कर्मचारी घायल हो गए और 25 वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए थे.
